जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में सोमवार रात पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ हुई नारेबाजी पर बयानबाजी तेज है। जेएनयू प्रशासन ने इस पूरे मामले पर अपना बयान जारी किया है। जेएनयू प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया गया है। इस मामले में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है।
प्रशासन ने कहा कि यूनिवर्सिटी इनोवेशन और नए विचारों का केंद्र होती हैं। उन्हें नफरत की प्रयोगशाला में बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी एक मौलिक अधिकार है।
जेएनयू की ओर से कहा गया कि किसी भी तरह की हिंसा, गैर-कानूनी व्यवहार या देश विरोधी गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना में शामिल छात्रों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तुरंत सस्पेंशन, निष्कासन और यूनिवर्सिटी से स्थायी रूप से बाहर करना शामिल है।
बता दें कि जेएनयू कैंपस में विवादित नारे लगाने का मामले ने तूल पकड़ लिया है। विवादित नारे लगाने में शामिल छात्रों के खिलाफ JNU प्रशासन कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है। दोषी छात्रों को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में विश्वविद्यालय से निष्कासन (Expulsion) की कार्रवाई हो सकती है। संबंधित छात्रों को विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित (Permanent Debarment) किया जा सकता है।
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