होली खेलने से पूर्व जिस तरह सबसे पहले पूजा अर्चना की जाती है ठीक उसी तरह होली खेलने के बाद शाम के समय पूजा अर्चना करना भी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही शाम के समय राशि के अनुसार कुछ आसान और उपाय करने से भी आपको लाभ की प्राप्ति हो सकती है। ये उपाय भले ही आसान हों लेकिन होली की शाम इन्हें करने से आपके जीवन में चमत्कारी बदलाव आ सकते हैं। होली की शाम के ये उपाय आपको आर्थिक लाभ दिला सकते हैं और साथ ही आपको सौभाग्य की भी प्राप्त होती है।
मंगल की स्वामित्व वाली इन दोनों राशियों को होली खेलने के बाद शाम के समय लाल वस्त्र पहनकर हनुमान मंदिर जाना चाहिए और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही गुड़, चना, लाल वस्त्र आदि आपको जरूरतमंदों को दान करने चाहिए।
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं इसलिए होली खेलने के बाद शाम के समय 10 साल से छोटी कन्याओं को उपहार आप दे सकते हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को श्वेत वस्त्र दान करने से भी आपको सौभाग्य और आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी।
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह बुध हैं इसलिए होली खेलने के बाद शाम के समय इन दोनों राशि के लोगों को गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। इसके साथ ही भगवान गणेश की आराधना करने से भी आपका भाग्य जागेगा और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आपको उन्नति मिलेगी।
इस राशि के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं इसलिए कर्क वालों को होली खेलने के बाद बताशे, मिश्री, सफेद रंग की मिठाइयां बांटनी चाहिए। वहीं भगवान शिव की पूजा करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होंगे।
सूर्य की राशि सिंह वालों को होली खेलने के बाद केसरिया या लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही शाम के समय अगर आप लाल मिठाइयां लोगों में बांटते हैं तो आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
गुरु के स्वामित्व वाली इन दोनों ही राशियों को पीले वस्त्र होली की शाम को पहनने चाहिए और उसके बाद केसर का तिलक मस्तक पर लगाना चाहिए। इसके साथ ही होली की शाम को पीली मिठाइयां, पुस्तक, कलम आदि अगर आप दान करते हैं तो आपका भाग्य चमकता है।
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शनि हैं इसलिए इन दोनों को ही नीले वस्त्र शाम के समय पहनने चाहिए। साथ ही नीले और काले वस्त्रों का दान करना भी इनके लिए शुभ रहता है। वहीं भगवान शिव की आराधना करने से भी इनको किस्मत का साथ मिलने लगता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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