Published : Nov 25, 2025 04:48 pm IST, Updated : Nov 25, 2025 04:56 pm IST
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार और “जय श्री राम” के नारों की गूंज के बीच केसरिया ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
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राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने के बाद मंदिर का लुक काफी बदला सा नजर आ रहा है। तस्वीरों में आप साफ तौर पर इसे देख सकते हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने मार्गशीर्ष मास (अगहन) के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और मां सीता की ‘विवाह पंचमी’ के अभिजीत मुहूर्त पर तिकोने झंडे का आरोहण किया।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि इस समारोह के साथ राम मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
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राम मंदिर को सैंकड़ों किलो फूल से सजाया गया है। मंदिर बहुत ही मनमोहक लग रहा है। यह दृष्य बहुत ही मनोहर है।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार ध्वज पर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूर्य की तस्वीर है। इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ओम लिखा है।
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केसरिया ध्वज ‘‘रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।
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यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है।
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राम मंदिर के शिखर पर मंगलवार को ध्वजारोहण को साधु-संतों ने भावपूर्ण, ऐतिहासिक और सनातन गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पहले की थी। ध्वजारोहण समारोह में उपस्थित संतों ने कहा कि यह धार्मिक क्षण ही नहीं, बल्कि सनातन आस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का साक्ष्य है।
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परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 प्रसंग बारीकी से पत्थरों पर उकेरे गए हैं।
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घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग अंकित हैं।
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इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी सप्त मंदिर पहुंचे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी मंदिर में भी पूजा की।
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मोदी ने मां अन्नपूर्णा के भी दर्शन किये। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम लला की आरती और पूजन किया।
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पीएम मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा कि सप्त मंदिरों के सभी सात ऋषियों एवं महा भागवतों की उपस्थिति से ही रामचरित पूर्ण होता है। महर्षि वशिष्ठ एवं महर्षि विश्वामित्र ने प्रभु रामलला के विद्याध्ययन की लीला पूरी कराई।
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PM ने कहा कि महर्षि अगस्त्य से वन गमन के समय ज्ञान चर्चाएं हुईं एवं राक्षसी आतंक के विनाश का मार्ग प्रशस्त हुआ। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने अलौकिक रामायण विश्व को प्रदान की।
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पीएम मोदी ने कहा कि देवी अहिल्या, निषादराज एवं माता शबरी ने महान भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया और हम प्रभु राम के उस समरस आदर्श से परिचित हो पाए, जिसमें उन्होंने खुद कहा है - कह रघुपति सुनु भामिनि बाता। मानउँ एक भगति कर नाता॥
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पीएम ने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है। सियावर रामचंद्र की जय!
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ध्वजारोहण के मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। साथ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं।