1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. देश
  4. PHOTOS: ठंड ऐसी, झीलें, नदियां... सब जम गईं, ये भारत का ही नजारा है

PHOTOS: ठंड ऐसी, झीलें, नदियां... सब जम गईं, ये भारत का ही नजारा है

Reported By: Manzoor Mir, Edited By: Malaika Imam
Published : Dec 17, 2024 06:16 pm IST,  Updated : Dec 17, 2024 06:17 pm IST
झीलें हों, नदियां हों या फिर नाले, हर जगह बर्फ की मोटी परत जमी हुई है। ये नजारा कश्मीर के द्रंग इलाके में देखने को मिल रहा है। यहां झरने और नदियों के पानी में इतनी बर्फ जम चुकी है कि यह दृश्य किसी कांच की दीवार जैसा नजर आ रहा है। ये बर्फ से ढंके झरने अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
1/6 Image Source : IndiaTv
झीलें हों, नदियां हों या फिर नाले, हर जगह बर्फ की मोटी परत जमी हुई है। ये नजारा कश्मीर के द्रंग इलाके में देखने को मिल रहा है। यहां झरने और नदियों के पानी में इतनी बर्फ जम चुकी है कि यह दृश्य किसी कांच की दीवार जैसा नजर आ रहा है। ये बर्फ से ढंके झरने अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
यह नजारा श्रीनगर से मात्र 50 किलोमीटर दूर तंगमर्ग के द्रंग इलाके का है, जहां एक झरने से बहता पानी बर्फ की मोटी परत में तब्दील हो गया है। झरने का 50 मीटर से अधिक हिस्सा पूरी तरह बर्फ से जाम हो चुका है और इस परत के नीचे बहने वाली जलधारा भी पूरी तरह से जम चुकी है।
2/6 Image Source : IndiaTv
यह नजारा श्रीनगर से मात्र 50 किलोमीटर दूर तंगमर्ग के द्रंग इलाके का है, जहां एक झरने से बहता पानी बर्फ की मोटी परत में तब्दील हो गया है। झरने का 50 मीटर से अधिक हिस्सा पूरी तरह बर्फ से जाम हो चुका है और इस परत के नीचे बहने वाली जलधारा भी पूरी तरह से जम चुकी है।
इस क्षेत्र में रात का तापमान माइनस 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे ठंड इतनी ज्यादा हो जाती है कि पलभर में हाथ सुन्न हो जाते हैं। इसके बावजूद यह दृश्य पर्यटकों के लिए किसी खूबसूरत एहसास से कम नहीं है। इस मौसम में जो भी इस झरने को देखता है वो इसे देखकर हैरान होने के साथ-साथ उत्साहित भी हो जाता है।
3/6 Image Source : IndiaTv
इस क्षेत्र में रात का तापमान माइनस 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे ठंड इतनी ज्यादा हो जाती है कि पलभर में हाथ सुन्न हो जाते हैं। इसके बावजूद यह दृश्य पर्यटकों के लिए किसी खूबसूरत एहसास से कम नहीं है। इस मौसम में जो भी इस झरने को देखता है वो इसे देखकर हैरान होने के साथ-साथ उत्साहित भी हो जाता है।
कश्मीर में इस समय सर्दी का मौसम अपने चरम पर है, लेकिन दूसरे देशों से आए पर्यटकों के लिए यह अद्भुत नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है। इस झरने को देखकर पर्यटक न सिर्फ हैरान होते हैं, बल्कि उत्साहित भी हो जाते हैं। कुछ लोग तो इस दृश्य को देखकर गुनगुनाने लगते हैं, तो कुछ इसे अपने कैमरे में कैद करने के लिए सेल्फी लेते हैं।
4/6 Image Source : IndiaTv
कश्मीर में इस समय सर्दी का मौसम अपने चरम पर है, लेकिन दूसरे देशों से आए पर्यटकों के लिए यह अद्भुत नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है। इस झरने को देखकर पर्यटक न सिर्फ हैरान होते हैं, बल्कि उत्साहित भी हो जाते हैं। कुछ लोग तो इस दृश्य को देखकर गुनगुनाने लगते हैं, तो कुछ इसे अपने कैमरे में कैद करने के लिए सेल्फी लेते हैं।
दिल्ली, गुजरात, बिहार और देश के अन्य राज्यों से आए पर्यटकों ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस झरने की खूबसूरती अक्सर फिल्मों में देखी थी, लेकिन यहां आकर उन्हें वाकई ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे स्वर्ग में आ गए हों।
5/6 Image Source : IndiaTv
दिल्ली, गुजरात, बिहार और देश के अन्य राज्यों से आए पर्यटकों ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस झरने की खूबसूरती अक्सर फिल्मों में देखी थी, लेकिन यहां आकर उन्हें वाकई ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे स्वर्ग में आ गए हों।
21 दिसंबर से कश्मीर में चिल्ली-ए-कलां की शुरुआत होती है, जो 40 दिनों तक चलने वाली कड़ाके की सर्दी का समय होता है। इन दिनों में कश्मीर बर्फ की चादर में पूरी तरह लिपट जाता है। नदी-नालों का पानी भी जम जाता है और सर्दी इतनी बढ़ जाती है कि कश्मीर में जीवन की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। बावजूद इसके यह मौसम कश्मीर आने वाले पर्यटकों के लिए किसी जन्नत के दृश्य से कम नहीं होता।
6/6 Image Source : IndiaTv
21 दिसंबर से कश्मीर में चिल्ली-ए-कलां की शुरुआत होती है, जो 40 दिनों तक चलने वाली कड़ाके की सर्दी का समय होता है। इन दिनों में कश्मीर बर्फ की चादर में पूरी तरह लिपट जाता है। नदी-नालों का पानी भी जम जाता है और सर्दी इतनी बढ़ जाती है कि कश्मीर में जीवन की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। बावजूद इसके यह मौसम कश्मीर आने वाले पर्यटकों के लिए किसी जन्नत के दृश्य से कम नहीं होता।
Advertisement