Asaduddin Owaisi: गुजरात में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं, इसके लिए सभी पार्टियों की तरह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी तैयारियों में जुटी है। असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी पार्टी के गुजरात विधानसभा चुनाव में लड़ने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कहा कि उनकी पार्टी गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
असदुद्दीन ने कहा कि अहमदाबाद और सूरत में नगर निगम चुनावों के बाद से एआईएमआईएम विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। पिछले साल फरवरी में हुए सूरत नगर निगम (एसएमसी) चुनावों के परिणाम के बाद आम आदमी पार्टी को भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इस चुनाव मे भाजपा ने 93 सीटें जीती थीं और आम आदमी पार्टी ने 27 सीटों पर बाज़ी मारी थी जबकि कांग्रेस पार्टी अपनी खाता भी नहीं खोल सकी थी।
गुजरात के भुज में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा कि हम पूरी ताकत और सामर्थ्य के साथ गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि कितनी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है। ओवैसी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि साबिर काबलीवाला जो कि एआईएमआईएम गुजरात प्रमुख हैं, वे इस बारे में सही तरीके से निर्णय लेंगे। इसमें सही निर्णय लेंगे।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के इरादे से गुजरात आए हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा उम्मीदवार भी भुज से खड़ा होगा।' गौरतलब है कि गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद हुई देश के शहरों में हुई हिंसा के बारे में ओवैसी ने टिप्पणी की। खासकर ओवैसी ने रांची में हुई सांप्रदायिक झड़पों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र के लिए ये सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि कोई हिंसा न हो और इसे रोकना सरकार का कर्तव्य है। रांची में लोगों पर फायरिंग हुई। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में ओवैसी ने कहा कि उन्हें सिर्फ बीजेपी से निलंबित किया गया है। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, सजा होना चाहिए। हालांकि कानून इस बारे में तय करेगा और अपना काम करेगा। हमें उनकी माफी की जरूरत नहीं है।
बता दें कि पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद से ही नूपुर शर्मा के खिलाफ कुछ अरब देशों ने भी अपनी आपत्ति जताई थी। कतर, सउदी अरब जैसे देशों ने इस बारे में भारतीय राजदूत को बुलाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित करने की कार्रवाई का कतर जैसे देशों ने स्वागत भी किया था। इस वाकये के बाद देश में भी उनकी विवादित टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया और जुमे की नमाज के बाद उनकी टिप्पणी के विरोध में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए।
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