राजकोटः गुजरात के राजकोट में टीआरपी गेम जोन के मालिकों में से एक प्रकाश हिरेन की पिछले हफ्ते गेमिंग सेंटर में लगी भीषण आग में मौत की पुष्टि की गई है। इस त्रासदी में बच्चों सहित 27 लोगों की जान चली गई थी। अधिकारियों ने डीएनए टेस्ट के बाद प्रकाश हिरेन के मरने की पुष्टि की है। घटनास्थल पर मिले अवशेषों से लिए गए नमूनों का प्रकाश की मां के डीएनए से मिलान किया गया, जिससे उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।
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सीसीटीवी में दिखा था प्रकाश हिरन
प्रकाश हिरन टीआरपी गेम ज़ोन में प्रमुख शेयरधारक थे। आग लगने के समय के सीसीटीवी फुटेज में प्रकाश को घटनास्थल पर देखा गया था। इससे यह साबित हुआ कि घटना के दौरान वह घटनास्थल पर मौजूद था। यह मामला तब सामने आया जब प्रकाश के भाई जितेंद्र हिरेन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद प्रकाश से कोई संपर्क नहीं हुआ। सभी फोन नंबर बंद थे और प्रकाश की कार आग लगने वाली जगह पर पाई गई थी। जितेंद्र की अपील के बाद पहचान प्रक्रिया में सहायता के लिए परिवार से डीएनए नमूने एकत्र किए गए। पुलिस ने गेम जोन में आग लगने के मामले में हिरन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
गेम जोन का एक औऱ मालिक गिरफ्तार
इससे पहले गुजरात पुलिस ने राजकोट स्थित ‘टीआरपी गेम जोन’ के एक और साझेदार को गिरफ्तार किया है जहां पिछले सप्ताह आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गयी थी। बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने बताया कि धवल कॉर्पोरेशन के मालिक धवल ठक्कर को पड़ोसी राजस्थान के आबू रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह रेसवे इंटरप्राइज के पांच साझेदारों के साथ मिलकर टीआरपी गेम जोन चलाता था। इसके साथ ही शनिवार को हुई इस घटना के संबंध में अभी तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।