हरियाणा में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियां उफान पर हैं। बाढ़ के पानी को रोकने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों की तरफ से कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन नदियों का पानी रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस रहा है। घग्गर नदी एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। सिरसा में शनिवार सुबह करीब 4 बजे गुड़िया खेड़ा के पास मोडिया खेड़ा गांव के खेतों में नदी का तटबंध टूट गया। देखते ही देखते लगभग 80 फीट तक दरार फैल गई। इससे पानी तेजी से खेतों में घुस गया। इस हादसे के चलते करीब 1500 एकड़ फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दर्जनों ढाणियों में पानी का स्तर 6 से 7 फीट तक पहुंच चुका है, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसानों की मेहनत से तैयार पक्की फसलें बर्बाद हो गईं, और अब वे सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
1500 एकड़ की फसल बर्बाद
ग्रामीणों के मुताबिक पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही घंटों में खेत तालाब बन गए। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन किसानों के नुकसान की भरपाई मुश्किल नजर आ रही है। स्थानीय किसानों ने भावुक होकर कहा कि उनकी लगभग 1500 एकड़ फसल की पूरी मेहनत पानी में बह गई, अब उम्मीद सिर्फ सरकार से है कि उन्हें मुआवजा मिले ताकि अगली फसल बो सकें। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे घग्गर ड्रेन ओवरफ्लो से न सिर्फ फसलें बल्कि भविष्य की खेती भी संकट में है।
नदी का कटाव बंद करने के प्रयास जारी
नदी का कटाव बंद करने के प्रयास जारी हैं। इसी कोशिश के बीच गांव रंगा में एक ट्रैक्टर घग्गर नदी में गिर गया। यहां गांव के साथ बहने वाली घग्गर नदी पर किसान बांध को मजबूत करने में जुटे थे। इसी बीच ट्रैक्टर नदी में समा गया। ड्राइवर बाल-बाल बचा। ट्रैक्टर को घग्गर नदी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। गांव पनिहारी और बुर्जक्रमगढ़ के बीच घग्गर का बांध टूटने से हजारों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। घग्गर का पानी पनिहारी गांव के पास पहुंच गया है। ऐसे में प्रशासन व ग्रामीण राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
(सिरसा से विक्रम जीत भाटिया की रिपोर्ट)