सर्दियों में सेहत के लिहाज़ से सावधान रहना पड़ता है, क्योंकि विंटर्स शुरू होते ही लोगों का खानपान बिगड़ने से बीपी-शुगर के इम्बैलेंस होने का खतरा बढ़ जाता है। ठंड में लोग खाते तो ज़्यादा है लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं। क्योंकि तापमान गिरने से उन्हें प्यास का एहसास नहीं होता, नतीजा शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसका असर दिल-दिमाग, लिवर-किडनी-हार्ट, यहां तक की शरीर की हड्डियों पर भी पड़ता है। कई तरह की बीमारी बॉडी के डिहाइड्रेट होने की वजह से उभर आती हैं। सबसे ज़्यादा दिक्कत तो जोड़-मांसपेशियों का दर्द झेल रहे लोगों को होती है। क्योंकि ठंडी हवा की चुभन ऊपर से पानी की कमी से ज्वाइंट्स का फ्लुड कम होने लगता है। और फिर जोड़ों के आपस में टकराने की आशंका बढ़ती है।
प्रॉपर पानी ना पीने से मसल्स को इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं मिल पाते, जिससे दर्द और ऐंठन बढ़ जाती है। बोन्स की डेंसिटी कम होने लगती है। हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी घटने लगती है। ये परेशानी लोगों को तब तक समझ नहीं आती, जब तक कंडीशन WORSE ना हो जाए। सर्दी में स्पाइन से लेकर शरीर के सारे ज्वाइंट्स को कैसे हेल्दी रखना है ये जानते हैं योगगुरु स्वामी रामदेव से कैसे हड्डियों को मजबूत बनाया जाए?
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