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अर्जुन की छाल का ऐसे करेंगे इस्तेमाल तो कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल, हार्ट होगा मजबूत, जान लें सेवन का सही तरीका

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Nov 14, 2025 10:00 am IST,  Updated : Nov 14, 2025 10:00 am IST

अर्जुन की छाल आयुर्वेद में कई बीमारियों का हल है। इस छाल में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से बचा सकते हैं। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

अर्जुन की छाल - India TV Hindi
अर्जुन की छाल Image Source : UNSPLASH

आयुर्वेद में अर्जुन की छाल का बहुत ज्यादा महत्व है। ये पेड़ की छाल विशेष रूप से पोषक तत्वों और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती है, जो इसे कई हर्बल उपचारों में एक जरूरी घटक बनाती है। अर्जुन छाल फ्लेवोनोइड्स, टैनिन, ट्राइटरपेनोइड्स और सैपोनिन्स जैसे फाइटोकेमिकल्स से समृद्ध है। छाल में कई महत्वपूर्ण यौगिक होते हैं, जिनमें अर्जुनोलिक एसिड, गैलिक एसिड, एलाजिक एसिड और β-सिटोस्टेरॉल शामिल हैं। यही वो कारण हैं जिसकी वजह से इस छाल का कई बीमारियों में प्रयोग होता है। जानते हैं कैसे।

अर्जुन की छाल किस बीमारी में फायदेमंद है?

अर्जुन की छाल को दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद माना गया है। इसमें मौजूद टैनिन और ग्लाइकोसाइड जैसे कम्पोनेंट्स में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो दिल की मांसपेशियों और ब्लड वेसेल्स को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। अर्जुन ब्लड वेसेल्स को भी फैलाता है और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने के लिए प्लाक को घोलता है। इतना ही नहीं यह बैड कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।

इन समस्याओं में भी है फायदेमंद:

अर्जुन छाल का इस्तेमाल आयुर्वेद में दस्त और पेचिश जैसी पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इसमें ऐसे यौगिक होते हैं जिनमें सूजन-रोधी प्रभाव होते हैं। इसके अलावा ये शरीर में शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करके डायबिटीज के कारण होने वाली सूजन को कम करने में भी मददगार है।

अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाने के लिए सामग्री

  • अर्जुन की छाल: 1 चम्मच अर्जुन की छाल अर्जुन की छाल में ट्राईहाइड्रोक्सी ट्राईटरपीन, इलेजिक एसिड, बीटा-सिटोस्टिरोल जैसे तत्व पाए जाते हैं। 

  • 5 पत्ते तुलसी: तुलसी की पत्तियों में कैल्शियम, जिंक, विटामिन सी और आयरन के अलावा पाया जाता है।

  • दालचीनी: दालचीनी में मैग्नीज, आयरन, फाइबर, कैल्शियम, विटामिन के, कॉपर पोटेशियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

कैसे बनाएं अर्जुन की छाल का काढ़ा?

सबसे पहले सभी चीजों को आपस में कूट लें। इसके बाद एक पैन में 2 कप पानी लें और गैस ऑन कर पानी में सभी चीजें डालकर धीमी आंच में उबाल लें। जब पानी एक कप बच जाए तब गैस बंद करें और फिर इसे हल्का ठंडा करके रोजाना इसका सेवन करें। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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