Saturday, February 14, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. आर्मी चीफ का PAK को सख्त संदेश, कहा- मजबूर किया तो मजबूत 'कार्रवाई' करेंगे

आर्मी चीफ का PAK को सख्त संदेश, कहा- मजबूर किया तो मजबूत 'कार्रवाई' करेंगे

Reported by: Bhasha Published : Jan 15, 2018 04:53 pm IST, Updated : Jan 15, 2018 04:53 pm IST

70वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा...

bipin rawat- India TV Hindi
bipin rawat

नई दिल्ली: पाकिस्तान को एक कड़े संदेश में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को समर्थन और आतंकवादियों की घुसपैठ को जारी रखेगा तो भारत उसके खिलाफ 'कार्रवाई' को बढ़ाएगा। करिअप्पा परेड ग्राउंड में यहां 70वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, "नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास, पाकिस्तान सेना लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है और आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ करने में मदद दे रही है। हम अपनी ताकत से उन्हें सबक सिखा रहे हैं। पाकिस्तान की तरफ से किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा।"

उन्होंने कहा, "अगर हमें मजबूर किया गया तो, हम अपनी कार्रवाई के स्तर को बढ़ाएंगे और दूसरे कदम भी उठा सकते हैं।" सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हमला कर, लेफ्टिनेंट उमर फयाज जैसे जम्मू एवं कश्मीर के पुलिसकर्मियों और सैनिकों की हत्या कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना चाहता है।

उन्होंने कहा, "यह हमारी राष्ट्रीय एकता और सामाजिक तानेबाने पर निशाना साधने का प्रयास है। हम इन देश विरोधी ताकतों के मंसूबे को कामयाब नहीं होने देंगे।" जनरल रावत ने कहा कि देश के पूर्वोत्तर में लोगों के सहयोग से चलाए गए अभियानों से आतंकवाद पर नकेल कसने में सहायता मिली लेकिन कुछ समूह अभी भी वहां शांति बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "भारतीय सेना असम राइफल्स और अन्य के साथ सामंजस्य बिठाकर इन समूहों को अलग-थलग करने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य हालात स्थापित करने के लिए वार्ता कर रही है।

सैन्य दिवस हर साल 15 जनवरी को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा के 1949 में देश के पहले सेना प्रमुख का पद ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। करियप्पा ने यह पद्भार भारत में अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ सर फ्रांसिस बुचर से ग्रहण किया था।

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement