1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. म्यूटेशन का कमाल, पैदा हुई एक आंख-एक कान वाली बकरी, लोग मान रहे भगवान

म्यूटेशन का कमाल, पैदा हुई एक आंख-एक कान वाली बकरी, लोग मान रहे भगवान

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 19, 2017 02:12 pm IST,  Updated : May 19, 2017 02:12 pm IST

इस बकरी के बच्चे के ज्यादा समय तक जिंदा रहने की उम्मीद बहुत ही कम होती है। लेकिन गांव वाले इसे किसी चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। इस बकरी के बच्चे को दूर दूर से लोग देखने आ रहे हैं।

जीन डीएनए के न्यूक्लियोटाइडओं का ऐसा अनुक्रम है, जिसमें सन्निहित कूटबद्ध सूचनाओं से अंततः प्रोटीन के संश्लेषण का कार्य संपन्न होता है। यह अनुवांशिकता के बुनियादी और कार्यक्षम घटक होते हैं। यह यूनानी भाषा के शब्द जीनस से बना है। क्रोमोसोम पर स्थित डी.एन.ए. (D.N.A.) की बनी अति सूक्ष्म रचनाएं जो अनुवांशिक लक्षणें का धारण एंव एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानान्तरण करती हैं, उन्हें जीन (gene) कहते हैं।

जीन आनुवांशिकता की मूलभूत शारीरिक इकाई है। यानि इसी में हमारी आनुवांशिक विशेषताओं की जानकारी होती है जैसे हमारे बालों का रंग कैसा होगा, आंखों का रंग क्या होगा या हमें कौन सी बीमारियां हो सकती हैं। और यह जानकारी, कोशिकाओं के केन्द्र में मौजूद जिस तत्व में रहती है उसे डीऐनए कहते हैं। जब किसी जीन के डीऐनए में कोई स्थाई परिवर्तन होता है तो उसे उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) कहा जाता है। यह कोशिकाओं के विभाजन के समय किसी दोष के कारण पैदा हो सकता है या फिर पराबैंगनी विकिरण की वजह से या रासायनिक तत्व या वायरस से भी हो सकता है।

प्रकृति के परिवर्तन में आण्विक डीएनए म्यूटेशन हो सकता है या नहीं कर सकते मापने में परिवर्तन के परिणामस्वरूप एक जावक जीव की उपस्थिति या कार्य है।

अगले स्लाइड में देखें एक आंख वाली बकरी की तस्वीरें.....

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत