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Parliament Monsoon Session: 19 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र

 Published : Jul 02, 2021 08:08 pm IST,  Updated : Jul 02, 2021 09:38 pm IST

संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।

Parliament Monsoon Session 2021- India TV Hindi
Parliament Monsoon Session 2021 Image Source : PTI FILE PHOTO

नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। बता दें कि, कोरोना संक्रमण के चलते इससे पहले संसद के बीते 3 सत्र छोटे कर दिए गए थे। बताया जा रहा है कि करीब एक महीने तक चलने वाले मॉनसून सत्र (Monsoon Session Of Parliament 2021) के दौरान 20 बैठक होने की संभावना है। आमतौर पर संसद का मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होता है और स्वतंत्रता दिवस से पहले तक पूरा हो जाता है। 

कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने ट्विटर पर ट्वीट के जरिए कहा कि राज्यसभा का अगला यानी मॉनसून सत्र 19 जुलाई से 13 अगस्त के बीच होगा। हालांकि, उन्होंने इसके अलावा कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की। बता दें कि, पिछले महीने संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा था कि कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच सरकार इस बात को लेकर आशान्वित है कि संसद का मॉनसून सत्र जुलाई में अपने सामान्य कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा।

उठेगा धर्मांतरण का मुद्दा?

संसदीय मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने मानसून सत्र के 19 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने की सिफारिश की है। इस बार मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों का सही तरीके से काउंटर करने की रणनीति पर भाजपा काम कर रही है। पार्टी सांसदों को संभावित मुद्दों पर जवाब के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए कुछ नए मुद्दे भी मानसून सत्र के दौरान उठ सकते हैं। ऐसा ही एक मुद्दा धर्मांतरण का है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से बीते दिनों धर्मांतरण के बड़े गिरोह का खुलासा किए जाने के बाद से सियासी सरगर्मी बढ़ गई। इस मुद्दे को भाजपा के गोरखपुर से सांसद रवि किशन उठाने की बात कह चुके हैं। गोरखपुर से सांसद रविकिशन ने कहा, "पूरे देश में धर्म परिवर्तन के पीछे एक सिंडिकेट काम कर रहा है। मैं इस मुद्दे को मानसून सत्र में उठाऊंगा। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग हो रही है। सुनियोजित तरीके से हिंदू धर्म को खत्म करने की कोशिश हो रही है। अब तो कई राज्यों से धर्मांतरण की खबरें आ रही हैं, जम्मू-कश्मीर से मामले सामने आ रहे हैं।"

बंगाल हिंसा, कोरोना, किसान आंदोलन जैसे मुद्दे उठेंगे

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्तर के एक पदाधिकारी और सांसद ने आईएएनएस से कहा, "विपक्ष कोरोना प्रबंधन, वैक्सीनेशन और किसान आंदोलन के मुद्दे को उठाकर घेराबंदी करने की कोशिश कर सकता है। लेकिन, पार्टी के सांसद माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बेहतर कोरोना प्रबंधन किया है। वैक्सीनेशन में हम अमेरिका को भी पीछे छोड़ चुके हैं। पार्टी के कुछ सांसद बंगाल हिंसा पर भी आवाज उठाएंगे।"

कई बिल हो सकते हैं पेश 

संसद में 40 से अधिक विधेयक लंबित हैं। पांच अध्यादेशों को भी बिल का शक्ल दिया जा सकता है। वर्तमान में होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) अध्यादेश, भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) अध्यादेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश, दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) अध्यादेश और न्यायाधिकरण सुधार (तर्कसंगतीकरण और सेवा की शर्तें) अध्यादेश लागू है। सूत्रों का कहना है कि ये अध्यादेश इस सत्र में बिल के रूप में पेश किये जा सकते हैं।

इसके अलावा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण(संशोधन) विधेयक, किशोर न्याय विधेयक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च जैसे बिल पहले से लंबित हैं। बता दें कि संसदीय मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 19 जुलाई से 13 अगस्त के बीच मानसून सत्र के संचालन की सिफारिश की है। लगभग एक महीने तक चलने वाले मानसून सत्र के दौरान 20 बैठकें हो सकतीं हैं। कोरोना के सख्त प्रोटोकॉल के बीच मानसून सत्र का संचालन होगा।

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