बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे में ठंड लगने से 2 बच्चों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों के माता-पिता के पास ठंड से बचने का कोई साधन नहीं था, जिसकी वजह से बच्चे कड़ाके की सर्दी की चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई। इन दो सगे भाई-बहनों की मौत की पुष्टि खुद मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) ने की है। ठंड की वजह से काल के गाल में समा गए भाई की उम्र 2 साल जबकि बहन की उम्र 6 साल बताई जा रही है।
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CMO डॉक्टर नेमि चंद्रा ने गुरुवार को बदायूं में बताया कि बिल्सी तहसील स्थित कस्बा इस्लामनगर के तकिया मुहल्ला निवासी यासीन के 10 में से 4 बच्चे लगातार ठंड बढ़ने से ब्रान्को निमोनिया की चपेट में आ गए थे। मंगलवार देर रात चारों की हालत बिगड़ गई। बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहाँ काजल (6) और अरशद (2) की मौत हो गई जबकि अफसाना और नसरीन को लगातार बिगड़ती हालत के मद्देनजर चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, SDM बिल्सी लालबहादुर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें दो क्विंटल राशन, ठंड से बचने को दस कंबल, पांच हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की।
बिल्सी के उपजिलाधिकारी लाल बहादुर ने बच्चों की मौत खसरे के कारण होने की बात कही है लेकिन CMO, जो बाल रोग विशेषज्ञ भी हैं, ने बताया कि बच्चों की मौत खसरे से नही बल्कि ठंड लगने से हुई है। खसरा होने पर मरीज के शरीर पर लाल दाने हो जाते हैं लेकिन बच्चों के शरीर पर किसी प्रकार के निशान नहीं मिले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मृत बच्चों का पिता यासीन मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। गरीबी के आलम में प्रचंड हो चली सर्दी से बचाव के लिए उसके पास कोई साधन नहीं थे। इसी वजह से उसके बच्चे ठंड की चपेट में आ गए।