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'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' कही जाती हैं पद्म श्री तुलसी गौड़ा, नंगे पांव लेने पहुंचीं थी पुरस्कार

Written by: IndiaTV Hindi Desk Published : Nov 09, 2021 05:40 pm IST, Updated : Nov 09, 2021 05:40 pm IST

तुलसी गौड़ा कर्नाटक की हलक्की जनजाति (Halakki Indigenous) से ताल्लुक रखती हैं और वह बेहद गरीब परिवार से आती हैं। पद्मश्री सम्मान से नवाजी गई आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा कर्नाटक की रहने वाली हैं।

'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' कही जाती हैं पद्म श्री तुलसी गौड़ा, नंगे पांव लेने पहुंचीं थी पुरस्कार- India TV Hindi
Image Source : TULSI GOWDA/@RASHTRAPATIBHVN 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' कही जाती हैं पद्म श्री तुलसी गौड़ा, नंगे पांव लेने पहुंचीं थी पुरस्कार

Who is Tulsi Gowda: कर्नाटक की रहने वाली पर्यावरणविद तुलसी गौड़ा को 30,000 से अधिक पौधे लगाने और पिछले छह दशकों से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में शामिल रहने के लिये देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया है। 72 वर्षीय तुलसी गौड़ा को 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' के नाम से भी जाना जाता है। तुलसी गौड़ा को सम्मानित करने के साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर उन्हें बधाई दी। तुलसी गौड़ा को जब राष्ट्रपति भवन में ये सम्मान मिला तो दरबार हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तुलसी गौड़ा की फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। 

तुलसी गौड़ा कर्नाटक की रहने वाली हैं

तुलसी गौड़ा कर्नाटक की हलक्की जनजाति (Halakki Indigenous) से ताल्लुक रखती हैं और वह बेहद गरीब परिवार से आती हैं। पद्मश्री सम्मान से नवाजी गई आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा कर्नाटक की रहने वाली हैं। पर्यावरण की सुरक्षा में उनके योगदान और पेड़-पौधों समेत जड़ी-बूटियों की तमाम प्रजातियों के बारे में अथाह ज्ञान के कारण 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' (Encyclopedia of Forest) कहा जाता है। तुलसी गौड़ा अभी भी कई नर्सरी की देखभाल करती हैं। तुलसी गौड़ा को इससे पहले कई और अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र अवॉर्ड', 'राज्योत्सव अवॉर्ड' और 'कविता मेमोरियल' जैसे कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। तुलसी गौड़ा को पद्मश्री मिलने पर ट्विटर यूजर्स ने दिल खोलकर उनकी तारीफ की।

10 साल की उम्र से पर्यावरण संरक्षण पर कर रही हैं काम 

तुलसी गौड़ा नंगे पांव और धोतीनुमा पारंपरिक आदिवासी पोशाक में राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं। भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने ट्वीट करते हुए लिखा "राष्ट्रपति कोविंद ने सामाजिक कार्य के लिए श्रीमती तुलसी गौड़ा को पद्म श्री प्रदान किया। वह कर्नाटक की एक पर्यावरणविद हैं, जिन्होंने 30,000 से अधिक पौधे लगाए हैं और पिछले छह दशकों से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में शामिल हैं। करीब 10 साल की उम्र से वह पर्यावरण संरक्षण का काम कर रही हैं और अपना पूरा जीवन उन्होंने प्रकृति की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया है। 

बता दें कि, सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत देश की कई दिग्गज हस्तियां राष्ट्रपति भवन में मौजूद थीं। इस दौरान 119 विभूतियां पद्म अवॉर्ड से सम्मानित की गईं, 7 को पद्मविभूषण दिया गया जबकि 10 को पद्म भूषण और 102 लोगों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।

जानिए पद्म पुरस्कारों के बारे में

पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री जो गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रतिवर्ष घोषित किए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्मश्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

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