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अज़ीम प्रेम जी ने सीएम सिद्धारमैया को कहा- NO..., ठुकरा दिया अनुरोध, बताया क्यों नहीं देंगे विप्रो कैंपस का हिस्सा

 Reported By: T Raghavan Edited By: Niraj Kumar
 Published : Sep 25, 2025 05:58 pm IST,  Updated : Sep 25, 2025 06:14 pm IST

इस संबंध में सीएम सिद्धारमैया ने अजीम प्रेम जी को एक चिट्ठी लिखी थी। लेकिन अजीम प्रेम जी ने एक लेटर के जरिए सीएम से कहा कि कंपनी के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना सम्भव नहीं है।

Azim premji, CM Siddaramaiah- India TV Hindi
अजीम प्रेमजी और सीएम सिद्धारमैया Image Source : PTI

बेंगलुरु:  विप्रो संस्थापक अज़ीम प्रेम जी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने विप्रो  कैम्पस के अंदर के रास्ते से कुछ गाड़ियों को आने-जाने की इजाजत देने की अपील की थी। इस संबंध में सीएम सिद्धारमैया ने अजीम प्रेम जी को एक चिट्ठी लिखी थी। लेकिन अजीम प्रेम जी ने एक लेटर के जरिए सीएम से कहा कि कंपनी के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना सम्भव नहीं है।

अजीम प्रेम जी ने चिट्ठी में क्या लिखा?

अजीम प्रेम जी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि हम बेंगलुरु में यातायात भीड़भाड़ के गंभीर मुद्दे से संबंधित पहलों के लिए आपके नेतृत्व की सराहना करते हैं। आपने जिस समस्या का उल्लेख किया है वहां विशेष रूप से आउटर रिंग रोड पर तत्काल और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है। लेकिन इस जटिल समस्या से  निजात पाने के लिये हमारा मानना है कि सबसे प्रभावी तरीका शहरी परिवहन प्रबंधन में विश्व स्तरीय विशेषज्ञता वाली किसी संस्था के नेतृत्व में एक व्यापक, वैज्ञानिक अध्ययन कराना है। इस तरह की कवायद हमें प्रभावी समाधानों का एक समग्र रोडमैप विकसित करने में मदद करेगी। विप्रो इस प्रक्रिया में शामिल होकर और इस विशेषज्ञ अध्ययन की लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करके प्रसन्न होगा।

सरकार के साथ साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध

हमारे सरजापुर परिसर से सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने के विशिष्ट सुझाव के संबंध में, हमें गंभीर कानूनी, प्रशासनिक और वैधानिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यह एक लिस्टेड कंपनी के स्वामित्व वाली एक विशेष प्राइवेट प्रॉपर्टी है, जिसका सार्वजनिक उपयोग के लिए कोई इरादा नहीं है। इसके अलावा, यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि हमारा सरजापुर परिसर एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) है जो वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। एक प्राइवेट प्रॉपर्टी से सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही एक स्थायी, दीर्घकालिक समाधान के रूप में प्रभावी नहीं होगी। फिर भी, विप्रो बेंगलुरु की ट्रैफिक चुनौतियों का एक स्थायी समाधान खोजने के लिए कर्नाटक सरकार के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सिद्धारमैया ने क्या अनुरोध किया था?

दरअसल, बेंगलुरु शहर के आउटर रिंग रोड पर, खासकर इब्लूर जंक्शन के पास, ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सिद्धारमैया ने मदद मांगी थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि विप्रो कैंपस के रास्ते से कुछ गाड़ियों को आने-जाने की इजाजत दी जाए, ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो सके। सिद्धारमैया ने चिट्ठी के जरिए यह अनुरोध किया था कि  सुबह और शाम के व्यस्त समय में ORR पर भयंकर ट्रैफिक जाम होता है, जिससे लोगों की आवाजाही, काम की प्रोडक्टिविटी और शहर की जिंदगी की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। ट्रैफिक और शहरी मोबिलिटी एक्सपर्ट्स की शुरुआती जांच के मुताबिक, अगर विप्रो कैंपस से कुछ वाहनों को गुजरने की इजाजत मिले, तो ORR के आसपास के हिस्सों में ऑफिस टाइम के दौरान ट्रैफिक जाम 30 फीसदी तक कम हो सकता है।'

 

 

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