नई दिल्ली:देश में कोरोना वायरस संक्रमण के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में कई राज्य अपने स्तर पर कदम उठा रहे हैं। देश में अबतक 358 केस सामने आ चुके है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट किया है, साथ ही कोरोना संबंधित पाबंदियों को जरूरत के हिसाब से लागू करने की भी सलाह दी है। इसी के चलते यूपी में 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। केंद्र ने राज्यों से कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पूरी तैयारी रखने को कहा है। इस क्रम में बूस्टर डोज को लेकर भी केंद्र सरकार द्वारा फैसला लेने की बातों पर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
देश के 7 राज्यों में ओमिक्रॉन के 96 नए केस मिले हैं। इनमें 33 तमिलनाडु और 23 महाराष्ट्र में सामने आए हैं। इनके अलावा तेलंगाना में 14, कर्नाटक में 12, गुजरात में 7 और केरल में 5 लोगों में नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। देश में ओमिक्रॉन के संक्रमितों की संख्या 357 हो गई है। सबसे ज्यादा 88 मामले महाराष्ट्र में, 64 दिल्ली में हैं। तेलंगाना में 10 दिन का लॉकडाउन लगा दिया गया है।
ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा 88 केस महाराष्ट्र में हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 23 नए केस सामने आए हैं। इनमें से पुणे में 13, मुंबई में पांच, उस्मानाबाद में दो और ठाणे, नागपुर और मीरा भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में एक एक केस मिला है।
ओमिक्रॉन को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी में 25 दिसंबर की रात 11 बजे से नाइट कर्फ्यू लगने जा रहा है। यह नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह कहा कि भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,650 नए मामले सामने आए हैं और 374 लोगों की मौत हुई है।
म्यांमार में बीते 24 घंटों में कोरोनावायरस के 276 नए मामले सामने आए हैं, जिससे गुरुवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 529,114 हो गई। वहीं 7 लोगों की मौत हुई है, इसी के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 19,242 हो गई।
अमेरिका में कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन इस समय काफी प्रभावी होता जा रहा है और एक अनुमान के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच इसकी वजह से 14 करोड़ लोग संक्रमित होंगे लेकिन उनके लक्ष्ण गंभीर नहीं होंगे।
असम सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में अब तक कोविड-19 के ओमिक्रॉन स्वरूप का कोई मामला सामने नहीं आया है। विधानसभा में भाजपा विधायक सुमन हरिप्रिया द्वारा शुरू की गई शून्यकाल चर्चा का जवाब देते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केशब महंत ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रकार के संभावित प्रकोप से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रही है।
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