दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर पहली एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही दिल्ली रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने पर एफआईआर दर्ज करने वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है। ये पहली FIR दिल्ली कैंट थाना इलाके में दर्ज की गई है। अब पहले मामले के दर्ज होने के बाद रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कार्रवाई के कई और मामले भी सामने आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अगर किसी के खिलाफ FIR दर्ज की जाती है तो उसे कितनी सजा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये मामला चार पहिया वाहन को गलत दिशा में तेज रफ्तार से चलाने का है। आरोपी की पहचान अमन, निवासी शाहजहांपुर (यूपी), वर्तमान पता कुसुमपुर पहाड़ी, दिल्ली के रूप में की गई है। घटना शाम 4:45 बजे, हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास घटी। रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण सामने से आ रहे वाहनों को खतरा हुआ। इसके बाद ASI सुनील कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
क्या है सजा का प्रावधान?
इस मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। बीएनएस 281 (तेज/लापरवाह ड्राइविंग से जान को खतरा) के तहत 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। पहले इसे IPC की धारा 279 के रूप में जाना जाता था। इस मामले में आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन बीमा नहीं था। इसलिए उसपर मोटर व्हीकल एक्ट की धाराएं- 3/181, 146, 196 भी लगीं है।
अब गंभीर मामलों में सीधी FIR होगी
चूंकि रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाने के इस मामले में ये धाराएं जमानती थी, इसके कारण आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई है। पहले ऐसे मामलों में सिर्फ चालान होता था। हालांकि, अब गंभीर मामलों में सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी। हालांकि, आपको बता दें कि केवल गंभीर खतरे की स्थिति में ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। खासकर सुबह-शाम पीक ऑवर में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर सख्ती की गई है। छोटी सड़क पर धीमी रफ्तार दुपहिया वाहन पर आमतौर पर एफआईआर नहीं लेकिन भारी जुर्माना लगेगा।
पहले रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर चालान कितना था?
पहली बार: ₹5,000
दोबारा: ₹10,000 तक + लाइसेंस निलंबन
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