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अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे की जांच से खुश नहीं हैं पायलट सुमित के पिता, सुप्रीम कोर्ट से न्यायिक जांच की मांग

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Mangal Yadav Published : Oct 16, 2025 02:31 pm IST, Updated : Oct 16, 2025 02:44 pm IST

अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए पायलट दिवंगत कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुमित के पिता ने एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना की निष्पक्ष,पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ जांच की मांग की है।

अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा। फाइल- India TV Hindi
Image Source : ANI अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा। फाइल

नई दिल्लीः पायलट सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकारी जांच रिपोर्ट झूठी है और उनके बेटे को गलत तरीके से हादसे का जिम्मेदार बताया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि हादसे की न्यायिक निगरानी में नई जांच कराई जाए। 

12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हो गया।इस हादसे में 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और 19 लोग ज़मीन पर अपनी जान गंवा बैठे। पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

 याचिका में कही गई है ये बातें

याचिका में कहा गया है कि सरकारी जांच पक्षपाती और अधूरी है। रिपोर्ट में कहा गया कि हादसा पायलट की गलती से हुआ,लेकिन असल में विमान में तकनीकी खराबी थी। हादसे के वक्त विमान का Ram Air Turbine (RAT) अपने आप खुल गया था,जो तभी होता है जब विमान की बिजली या कंट्रोल सिस्टम फेल हो जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर सिस्टम में गड़बड़ी थी। तो पायलट को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? हम चाहते हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो। पायलट की मौत के बाद उसकी छवि खराब करना बहुत गलत है। 

पायलट संगठन Federation of Indian Pilots (FIP) ने भी याचिका में साथ दिया है। FIP का कहना है कि जांच रिपोर्ट में कई तकनीकी पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। जैसे बोइंग 787 के सॉफ्टवेयर सिस्टम (CCS) और इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की जांच ही नहीं हुई। 

याचिका में लगाया गया है ये आरोप

याचिका में ये भी आरोप है कि Cockpit Voice Recorder (CVR) की रिकॉर्डिंग मीडिया में लीक कर दी गई,जिससे झूठी कहानियां फैलाई गईं और पायलट की छवि को नुकसान पहुंचाया गया। याचिका में पायलट के पिता ने कहा है कि मेरा बेटा एक ईमानदार और अनुभवी पायलट था। उसने 15,000 घंटे बिना गलती के उड़ान भरी लेकिन अब उसी पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।

पायलट के पिता ने कहा कि 30 अगस्त को जांच टीम के दो लोग बिना बताए घर पहुंचे और बोले कि हादसा उनके बेटे की गलती से हुआ। पिता का कहना है कि यह सब सच्चाई छिपाने और जिम्मेदारी टालने की कोशिश है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि इस मामले की जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में हो और रिपोर्ट में शामिल सभी सरकारी अधिकारियों को जांच से अलग किया जाए।

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