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नहीं रहे भारत-पाक युद्ध के हीरो भैरों सिंह राठौड़, जोधपुर एम्स में ली अंतिम सांस

 Published : Dec 19, 2022 04:13 pm IST,  Updated : Dec 19, 2022 04:58 pm IST

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राठौड़ को फोन किया था। पीएम ने उनसे कहा था कि 1971 के युद्ध में उनके योगदान के लिए राष्ट्र ऋणी है और देश उनके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहा है।

भैरों सिंह राठौड़- India TV Hindi
भैरों सिंह राठौड़ Image Source : PTI

Bhairon Singh Rathore: भारत-पाकिस्तान युद्ध के हीरो रहे भैरों सिंह राठौड़ का जोधपुर में निधन हो गया है। भैरों सिंह 1987 में बीएसएफ से सेवानिवृत्त हुए थे और इन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। राठौर 1971 युद्ध के वेटरन हैं जो उस दौरान लोंगेवाला पर तैनात थे और असाधारण पराक्रम दिखाया था। भैरो सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। बीएसएफ ने इनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "बीएसएफ उनकी, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सलाम करता है। प्रहरी परिवार इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़ा है।"

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राठौड़ को 1972 में सेना पदक के अलावा कई अन्य सैन्य सम्मानों और असैन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में राठौड़ से मुलाकात की थी, जब वह बीएसएफ के स्थापना दिवस समारोह के लिए सीमावर्ती शहर गए थे।

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राठौड़ को फोन किया था। पीएम ने उनसे कहा था कि 1971 के युद्ध में उनके योगदान के लिए राष्ट्र ऋणी है और देश उनके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहा है।

वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर में भैरों सिंह राठौड़ की भूमिका सुनील शेट्टी ने निभाई थी। फिल्म में तो भैरों सिंह (शेट्टी) शहीद हो गए थे लेकिन असली बीएसएफ जवान और उसकी हिम्मत, शौर्य और बहादुरी की विरासत जीवित है। सुनील शेट्टी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "रेस्ट इन पावर नाइक भैरों सिंह जी। परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं।"

बता दें कि राठौड़ को थार रेगिस्तान में लोंगेवाला चौकी पर तैनात किया गया था, जो बीएसएफ की एक छोटी टुकड़ी की कमान संभाल रहे थे, जिसके साथ सेना की 23 पंजाब रेजिमेंट की एक कंपनी थी। यह उन जांबाज जवानों की बहादुरी थी जिसने 5 दिसंबर, 1971 को इस स्थान पर एक हमलावर पाकिस्तानी ब्रिगेड और टैंक रेजिमेंट को ध्वस्त कर दिया था।

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