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केदारनाथ धाम के रास्ते में तैनात होंगे विशेष जवान, जानिए क्या है वजह? 25 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

 Written By: Sudhanshu Gaur
 Published : Feb 19, 2023 09:23 pm IST,  Updated : Feb 19, 2023 09:28 pm IST

यात्रा की तैयारियों को देखने के लिए हुई एक बैठक में केदारनाथ मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से करने और पैदल‌ मार्ग की जल्द मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

Kedarnath Dham- India TV Hindi
केदारनाथ धाम Image Source : FILE

देहरादून: इस साल केदारनाथ धाम तक जाने वाले पैदल रास्ते पर घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए भी जवान तैनात रहेंगे। केदारनाथ मंदिर के आधार शिविर गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच लगभग 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री घोड़े-खच्चरों की सवारी करके बाबा केदार के धाम पहुंचते हैं। इस दौरान, घोड़े खच्चरों के साथ अमानवीयता न हो, इसकी निगरानी के लिए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पैदल रास्ते पर प्रांतीय रक्षक दल के 20 जवानों को तैनात करने की योजना बनाई है। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय द्वारा केदारनाथ यात्रा को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने यह जानकारी साझा की। 

25 अप्रैल से शुरू हो रही है यात्रा 

केदारनाथ यात्रा 25 अप्रैल को शुरू हो रही है। उन्होंने बताया कि जवान यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए। दीक्षित ने कहा कि जवानों को विभिन्न यात्रा पड़ावों पर तैनात करने से पहले उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। पिछले साल केदारनाथ यात्रा के दौरान कई घोड़े-खच्चरों की मौत हो गई थी और आरोप लगे थे कि उनके मालिकों द्वारा उनसे क्षमता से अधिक काम लेने की वजह से ये मौतें हुईं। 

दो साल बाद दोबारा शुरू हुई थी यात्रा 

कोविड-19 के कारण दो साल के अंतराल के बाद पिछले साल संचालित हुई यात्रा के दौरान केदारनाथ सहित चारों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी और आरोप लगा था कि इसी का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर घोड़ा-खच्चर मालिकों ने उन्हें पर्याप्त आराम दिए बिना उनसे ज्यादा काम लिया। उत्तराखंड के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस पर संज्ञान लेते हुए केदारनाथ का दौरा किया था तथा अधिकारियों को इस पर लगाम लगाने और घोड़ा-खच्चरों से क्रूरता करने वाले संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा था। 

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