मद्रास हाई कोर्ट ने वैष्णवों, शैवों और सामान्य वर्ग की महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए पूर्व द्रमुक मंत्री के पोनमुडी को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि तमिलनाडु पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहती है तो सीबीआई जांच का आदेश दिया जा सकता है।
अप्रैल में एक कार्यक्रम में पोनमुडी ने हिंदू धार्मिक पहचान को यौन स्थितियों से जोड़ने वाली टिप्पणी की थी। कोर्ट द्वारा शुरू की गई एक स्वप्रेरित रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति वेलमुरुगन ने कहा, 'आजकल इन राजनेताओं को लगता है कि अनुच्छेद 19 के तहत आकाश की कोई सीमा नहीं है। हम केवल दर्शक बनकर नहीं रह सकते। हम कई समुदायों वाले लोकतंत्र में रहते हैं।'
जज ने आगे जोर देकर कहा, 'राजनेताओं को जनता को संबोधित करते समय यह याद रखना चाहिए कि वे ऐसे देश में रहते हैं जो सभी के लिए है। किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं, सिर्फ राजनेता के लिए नहीं। हर किसी को यह एहसास होना चाहिए कि वे लोगों के बीच रह रहे हैं।'

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'हर कोई (राजनेता) माइक लेकर इतनी सारी बातें कह रहा है जैसे कि वे राजा हों। जैसे कि राजा के खिलाफ कोई कुछ नहीं कर सकता। कोर्ट यह सब सिर्फ देख कर बर्दाश्त नहीं कर सकता है।' जज वेलमुरुगन ने यह भी कहा कि, 'दुर्भाग्य से या सौभाग्य से यह इस तरह का पहला मामला है।' इसके बाद केस की अगली सुनवाई 1 अगस्त को निर्धारित की गई है।
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