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आतंकवादी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर गठजोड़ पर एनआईए का शिकंजा, अर्श दल्ला, लॉरेंस बिश्नोई जैसे बड़े गैंगस्टर्स के ठिकानों पर छापेमारी

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Niraj Kumar
 Published : Sep 27, 2023 04:34 pm IST,  Updated : Sep 27, 2023 05:07 pm IST

छह राज्यों पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मारे गए छापों के दौरान पिस्तौल, गोला-बारूद, बड़ी संख्या में डिजिटल एविडेंस और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : फाइल

नई दिल्ली : आतंकवादी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर के गठजोड़ को ध्वस्त करने के लिए देश के सात राज्यों में आज एनआईए ने छापेमारी की है। आज सुबह शुरू हुई इस छापेमारी में NIA ने 53 जगहों पर छापे मारे। इन छापों में NIA ने हथियार, गोला-बारूद भी बरामद किया। जानकारी के मुताबिक कनाडा में मौजूद खालिस्तान आतंकी अर्श दल्ला और लॉरेंस बिश्नोई, सुक्खा डुनेके जैसे बड़े गैंगस्टर्स के ठिकानों पर छापेमारी की गई।

कई संदिग्धों को हिरासत में लिया

एनआईए ने  पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मारे गए छापों के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया। अर्श दल्ला के अलावा, इन छापों में NIA की जांच के दायरे में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, सुक्खा दुनेके, हैरी मौर, नरेंद्र उर्फ ​​लाली, काला जठेरी, दीपक टीनू आदि शामिल थे। NIA ने अगस्त 2022 में 5 FIR दर्ज की थी। इस FIR के बाद ये सातवीं बार है जब NIA ने छापेमारी की कारवाई को अंजाम दिया है।  दो 2 एफआईआर इसी साल जुलाई में दर्ज की गई थी, जिसे लेकर छापे मारे गए। ये मामले टारगेट किलिंग, खालिस्तानी समर्थकों की आतंकी फंडिंग, गैंगस्टरों द्वारा जबरन वसूली आदि से जुड़े हैं। इन मामलों में नामजद कई गैंगस्टर और आतंकी विभिन्न जेलों में बंद हैं या पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में  बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

जेलों में बैठकर रच रहे थे साजिश

आतंक-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर गठजोड़ को खत्म करने के उद्देश्य से आज की छापेमारी का फोकस अलग-अलग खालिस्तानी संगठनों और उनके गुर्गों से जुड़े हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और लॉजिस्टिक  मुहैया करवाने वालों पर था। ये गिरोह पाकिस्तान, यूएई, कनाडा, पुर्तगाल के अलावा अन्य देशों में स्थित ड्रग तस्करों और आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। एनआईए की जांच से पता चला है कि देश में अलग-अलग राज्यों की जेलों में बैठकर ये लोग संगठित तौर पर भारत के खिलाफ साजिशों को अंजाम दे रहे थे। जैसे पिछले साल पंजाब में महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी, खनन कारोबारी मेहल सिंह और अंतरराष्ट्रीय कब्बडी खिलाड़ी संदीप नांगल के कत्ल की साजिश को मिलकर अंजाम दिया गया था ताकि पंजाब में माहौल बिगाड़ा जा सके।

एनआईए की जांच के मुताबिक, कई बड़े गैंगस्टर जो पहले भारत में गिरोहों को ऑपरेट कर रहे थे, हाल के सालों में विदेश भाग गए हैं और अब वहां से अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ये गैंगस्टर से आतंकी बने अपराधी भारत की अलग-अलग जेलों में बंद बदमाशों के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर हत्याओं सहित गंभीर अपराधों की साजिश तैयार कर उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं। ये खालिस्तानी संगठन टारगेट किलिंग, ड्रग्स-हथियारों की तस्करी, हवाला और जबरन वसूली के के जरिये फंड इक्कठा करने में जुटे हैं। गैंगस्टर और आतंकियों के बीच अलग-अलग जेलों में हुई इस सांठगांठ का नतीजा थी गोइंदवाल जेल के अंदर हिंसा और हत्या जैसी संगीन वारदातें।

इन शहरों में मारे गए छापे 

पंजाब के अमृतसर, मोगा, फाजिल्का, लुधियाना, मोहाली, फरीदकोट, बरनाला, भटिंडा, फिरोजपुर, एसएएस नगर, अमृतसर और जालंधर जिले;  हरियाणा के रोहतक, सिरसा, फ़तेहाबाद और फ़रीदाबाद जिले;  राजस्थान के श्री गंगानगर, झुंझुनू, हनुमानगढ़ और जोधपुर जिले;  उत्तर प्रदेश में गोरखपुर;  उत्तराखंड के देहरादून और उधमसिंह नगर जिले;  दिल्ली/एनसीआर के दक्षिण-पूर्व जिले और चंडीगढ़।

पहले भी एनआईए ने 370 जगहों पर मारे थे छापे

इससे पहले भी एनआईए ने इन्हीं गैंगस्टर्स के खिलाफ 370 से अधिक स्थानों पर इसी तरह की छापेमारी की थी, जिसमें 1129 राउंड गोला-बारूद के साथ 4 घातक हथियारों सहित 38 हथियार जब्त किए गए थे। एनआईए ने अब तक 87 बैंक खाते फ्रीज किए हैं और 13 संपत्तियां कुर्क की हैं। इसके अलावा 331 डिजिटल डिवाइस, 418 दस्तावेज और दो वाहन जब्त किए हैं। दो भगोड़ों को  गजट पास कर आतंकवादी घोषित किया गया है, और 15 आरोपियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है जबकि 9 अन्य के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किए गए हैं। ये कार्रवाई अर्शदीप सिंह डल्ला और कुख्यात गैंगस्टरों के बीच बने नेक्सस को तोड़ने की तरफ अहम कदम था। साथ ही, इस कदम से इनके फंडिंग, ड्रग्स और आतंकी नेक्सस को तोड़ने में भी मदद मिलेगी।

 

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