देहरादून: करवाचौथ का त्यौहार महिलाओं के बीच बहुत महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने करवाचौथ के मौके पर महिलाओं को बड़ी राहत दी है। उत्तराखंड सरकार ने करवा चौथ के व्रत के मद्देनजर प्रदेश में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
इस संबंध में जारी एक आदेश में कहा गया है कि प्रदेशभर में शासकीय, अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाकर्मियों के लिए करवाचौथ पर्व को ध्यान में रखते हुए बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
करवाचौथ को सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस साल करवाचौथ का त्यौहार 1 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं पूरा दिन निर्जला उपवास रखती हैं। कहते हैं कि करवा चौथ का व्रत करने से पति के ऊपर मंडरा रहा हर खतरा टल जाता है और उनकी आयु लंबी होती है।
पति-पत्नी के प्यार का प्रतीक करवा चौथ व्रत को सुहागिनें रात में चांद देखकर खोलती हैं। इस व्रत का पारण पति के हाथ से पानी पीकर किया जाता है। करवा चौथ व्रत में चांद की पूजा का विशेष महत्व है। बिना चंद्रमा को अर्घ्य दिए करवाचौथ का व्रत पूरा नहीं माना जाता है। चांद का दीदार करने के बाद ही व्रती महिलाएं कुछ खाती पीती हैं। (इनपुट: भाषा से भी)
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