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ऋषि सुनक से पाकिस्तानियों ने निकाला अपना कनेक्शन, अब देख रहे हैं 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने'

 Published : Oct 26, 2022 11:42 pm IST,  Updated : Oct 26, 2022 11:42 pm IST

यह खुशी की बात है कि ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री के कुछ पूर्वज यहीं के थे। कॉलेज के प्रोफेसर खुर्रम शहजाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुनक न केवल पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे बल्कि पाकिस्तान और भारत के लिए "सफलता का एक नया युग" भी लाएंगे।

ऋषि सुनक- India TV Hindi
ऋषि सुनक Image Source : AP

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। जिस देश से सुनक का कनेक्शन उस देश के रहने वाले लोग सोशल मीडिया पर ऋषि की खुब चर्चा कर रहे हैं। इसमें भारत सबसे आगे हैं। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे अधिक ऋषि के चर्चे भारत में हो रहे हैं। वही पाकिस्तान भी इसमें पिछे नहीं रहा। पाकिस्तान ने भी ऋषि सुनक से रिश्ता जोड़ निकाला है।

पाकिस्तान से कनेक्शन कैसे? 

अब पाकिस्तान ने भी रिश्ता निकाल ही लिया है। आपको बता दें कि वर्तमान पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर से सुनक का कनेक्शन है। जहां उनके दादा-दादी ब्रिटेन के औपनिवेशिक शासन के दौरान रहते थे। गुजरांवाला शहर में 1947 में भारत के विभाजन के दौरान कुछ भीषण सांप्रदायिक दंगे हुए थे। उसी विभाजन से पाकिस्तान अस्तित्व में आया था। भारत की सीमा से लगे पूर्वी पंजाब प्रांत के एक औद्योगिक केंद्र, गुजरांवाला में कई लोग कहते हैं कि ब्रिटेन के नये नेता कश्मीर मुद्दे के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच बीच विवाद का मुख्य बिंदु है। सुनक के दादा रामदास सुनक और दादी सुहाग रानी 1935 तक गुजरांवाला में रहे। हालांकि आज शहर के अधिकांश निवासियों को उन पुराने दिनों की कोई याद नहीं है, उनका कहना है कि वे 42 वर्षीय नेता सुनक की जीत पर खुशी महसूस करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने से पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच राजनयिक संबंध बेहतर होंगे।

कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने का कोशिश करेंगे 
पहलवान उमर अली ने कहा कि यह खुशी की बात है कि ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री के कुछ पूर्वज यहीं के थे। कॉलेज के प्रोफेसर खुर्रम शहजाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुनक न केवल पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे बल्कि पाकिस्तान और भारत के लिए "सफलता का एक नया युग" भी लाएंगे। गुजरांवाला के अधिकारियों का कहना है कि विभाजन के समय सांप्रदायिक हिंसा के दौरान अधिकांश रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे और इसका कोई प्रमाण नहीं है कि सुनक के दादा कहां रहते थे, हालांकि लोकप्रिय धारणा मछली बाज़ार की ओर इशारा करती है, जहां शहर के अधिकांश हिंदू समुदाय कभी रहते थे। पंजाब सरकार के प्रवक्ता मुसर्रत जमशेद चीमा ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि ऋषि सुनक की प्राथमिकता घर पर आर्थिक चुनौतियों से निपटने की होगी, लेकिन हमें उम्मीद है कि वह कश्मीर के मुद्दे को भी सुलझाने की कोशिश करेंगे, जो पाकिस्तान और भारत के बीच दरार का मुख्य कारण है।

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