नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर पतंजलि ने बड़ा ऐलान किया है। स्वामी रामदेव ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहां पीएम मोदी के दीर्घायु होने की कामना की वहीं ने "स्वदेशी से आत्मनिर्भर और विकसित भारत" का निर्माण करने में पतंजलि की भूमिका व योगदान पर विस्तार से चर्चा की। प्रेसवार्ता के दौरान पतंजलि योगपीठ की ओर से राष्ट्रीय स्तर की सेवाओं की घोषणा की गई। इसके तहत देश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री प्रतिभा पुरस्कार देने का ऐलान किया गया। उन्होंने देशभर में 750 स्थानों पर फ्री मेडिकल चैकअप एवं योग व हैल्थ कैम्प लगाए जाने की भी घोषणा की।
स्वामी रामदेव ने कहा कि देश के सभी जिलों में सीबीएसई, बीएसबी (भारतीय शिक्षा बोर्ड) व स्टेट बोर्ड के प्रथम, द्वितीय व तृतीय प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन व गौरव देने के लिए पतंजलि द्वारा 11 से 51 हजार रुपयों का इनाम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देशभर में 750 स्थानों पर फ्री मेडिकल चेकअप एवं योग व हेल्थ कैम्प लगाए जाएंगे। देश में 750 से अधिक स्थानों पर क्रोनिक लीवर डिजीज, फैटी लीवर और लीवर सिरोसिस की निशुल्क औषधि वितरण एवं उपचार कैम्प लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज देश में करोड़ों लोग हार्ट व लीवर के रोगी हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जिन असाध्य रोगों का इलाज नहीं है, पतंजलि ने योग-आयुर्वेद एवं स्वस्थ दिनचर्या तथा रिसर्च एंड एविडेंस बेस्ड औषधियों से ऐसे हजारों रोगियों को स्वस्थ किया है।

स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से ही अर्थव्यवस्था के शिखर पर रहा है। 250 सालों में ईस्ट इण्डिया कम्पनी से लेकर अनेकों कम्पनियों ने भारत की 100 ट्रिलियन से ज्यादा आर्थिक लूट केवल दो दशकों में की है। भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में सर्वोपरि बनाने के लिए पीएम मोदी के आह्वान 'वोकल फॉर लोकल' व स्वदेशी के आंदोलन को गांव-गांव व घर-घर तक जनांदोलन के रूप में चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा चलाए जा रहे विकसित भारत अभियान को साकार करने के लिए संपूर्ण देश भर में स्वदेशी का अभियान चलाकर, भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए तथा राष्ट्र निर्माण के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी को गौरव प्रदान करने के लिए व विदेशी ताकतों से देश की लूट को बचाएंगे तथा भारत को परम वैभवशाली बनाएंगे। स्वामी रामदेव ने दैनिक जीवन में शून्य तकनीकी की अमेरिकी व विदेशी कम्पनियों के बहिष्कार का आह्वान किया। विकसित भारत का सपना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। हमें अपने संकल्प व जुनून से भारत को विश्व का महानतम देश बनाना है।

उन्होंने कहा कि मैकाले के षड्यंत्र से वैचारिक दरिद्र व गुलामी की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से प्रथम चरण में 1 लाख, फिर 3 लाख विद्यालयों को स्वदेशी शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालकर ऐसे आदर्श व्यक्तित्व व चरित्र का निर्माण करना है, जो पूरे विश्व का नेतृत्व कर सकें। भारत को केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति बनाना है। भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन.पी. सिंह ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के गठन व वैधानिक स्वरूप के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
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