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PM Modi govt 8 years: जब PM मोदी ने खुद थामा झाड़ू, स्वच्छ भारत अभियान ने बदली देश की तस्वीर

आठ सालों के बीच मोदी सरकार का एक फैसला जिसे आम से लेकर खास तक का साथ मिला वो फैसला था गांधी जयंती के दिन स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करना। पीएम मोदी ने स्वच्छता को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने का साकार करने और बड़ी संख्या में लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है।

Khushbu Rawal Written by: Khushbu Rawal @khushburawal2
Updated on: May 30, 2022 9:50 IST
PM Modi- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO PM Modi

Highlights

  • पीएम मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है स्वच्छ भारत अभियान
  • पीएम मोदी ने खुद झाड़ू उठाकर की थी स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत
  • देश के लोगों को पीएम ने मंत्र दिया था- ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे

Modi@8: भारत के 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 26 मई को यानी आज आठ साल पूरे हो गए। इस दौरान इनका कार्यकाल काफी ऊतार-चढ़ाव भरा रहा। कभी उनके काम को सराहा गया तो, कभी उनके फैसले को नकारा भी गया। लेकिन इन आठ सालों के बीच मोदी सरकार का एक फैसला जिसे आम से लेकर खास तक का साथ मिला वो फैसला था गांधी जयंती के दिन स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करना। पीएम मोदी ने स्वच्छता को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने का साकार करने और बड़ी संख्या में लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है।

पीएम मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है स्वच्छ भारत अभियान। इसकी शुरुआत उन्होंने 2 अक्टूबर 2014 में की थी। उनकी इच्छा थी कि 5 सालों में देश अपने स्वच्छ भारत के लक्ष्य को पूरा कर ले, ताकि साल 2019 में बापू की 150वी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा सके। यह महत्वाकांक्षी अभियान दो श्रेणियों में बंटा हुआ है। ये श्रेणियां हैं- स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) और स्वच्छ भारत अभियान (शहरी)।

जब PM मोदी ने खुद थामा झाड़ू

महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के पास खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद वह वाल्मिकी बस्ती पहुंचे और वहां भी साफ-सफाई की और कूड़ा उठाया। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए देश के लोगों को मंत्र दिया था, ‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे।’ यहां पर उन्‍होंने बायो टॉयलेट का भी उद्घाटन किया था और सफाई कर्मचारियों से बातचीत की थी। वाल्मीकि बस्ती में बच्चों के बीच पीएम से ऑटोग्राफ लेने के लिए होड़ भी देखने को मिली। मोदी ने भी उन्‍हें निराश नहीं किया और सबको ऑटोग्राफ दिया।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए 2022-23 के बजट में 7,192 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि स्वच्छ भारत मिशन शहरी के लिए 2021 से 2026 तक यानि 5 साल की अवधि में 1,41, 678 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

शौचालय निर्माण में हुई बढ़ोतरी
‘स्वच्छ भारत अभियान’ के पहले चरण में ही 10.71 करोड़ शौचालयों का निर्माण मोदी सरकार द्वारा किया गया। आज से 8 साल पहले जब प्रधानमंत्री मोदी ने इस अभियान की शुरुआत की थी उस समय केवल 10 में से 4 घरों में शौचालय थे, वहीं मौजूदा समय में सभी घरों में शौचालय हैं। स्‍वच्‍छ भारत अभियान लॉन्च होने के बाद अबतक शौचालय निर्माण में बढ़ोतरी हो चुकी है। यह बढ़ोतरी इसलिए संभव हो पाई है, क्‍योंकि शौचालय बनवाने के लिए सरकारी सहायता मिल रही है।

यूनिसेफ ने की स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की यूनिसेफ ने भी तारीफ की। मोदी सरकार की स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता से जुड़ी योजनाओं की तारीफ करते हुए यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान महात्‍मा गांधी को समर्पित किया, देशवासियों का समर्पित किया और उन्‍हें इसमें गर्व महसूस हुआ।

उन्होंने कहा कि लोगों को जब यह लगने लगता है कि उनका समुदाय बेहतर कर रहा है तो वह उन दूसरी चीजों पर ध्यान देने लगते हैं जिनमें सुधार की जरूरत है। फोर ने कहा कि अगर आप स्वच्छता उपायों में एक डॉलर का निवेश करते हैं तो स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिहाज से चार डॉलर की बचत होगी। आपका डॉक्टर के पास जाना कम हो जाएगा और दवाओं पर खर्च बचेगा।