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यदि एनआरसी कांग्रेस की देन, तो फिर विरोध क्यों: किरेन रिजीजू

रिजीजू ने ट्वीट कर कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) कांग्रेस की देन है और इसका कार्यान्वयन भाजपा सरकार में सुस्त रहा है, जिसका मतलब है कि इसे और सख्ती के साथ क्रियान्वित किया जाना चाहिए।"

Reported by: IANS
Published : Jul 31, 2018 01:27 pm IST, Updated : Jul 31, 2018 01:27 pm IST
यदि एनआरसी कांग्रेस की देन, तो फिर विरोध क्यों: किरेन रिजीजू- India TV Hindi
यदि एनआरसी कांग्रेस की देन, तो फिर विरोध क्यों: किरेन रिजीजू

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने सोमवार को जारी हुए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) मसौदे का विरोध करने को लेकर मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। राहुल ने इसे कांग्रेस की देन बताने के बावजूद इसका विरोध किया था।

रिजीजू ने ट्वीट कर कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) कांग्रेस की देन है और इसका कार्यान्वयन भाजपा सरकार में सुस्त रहा है, जिसका मतलब है कि इसे और सख्ती के साथ क्रियान्वित किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "लेकिन सदन में उनकी पार्टी एनआरसी प्रक्रिया का विरोध करती है। कांग्रेस आखिर चाहती क्या है?"

रिजीजू की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब राहुल ने कहा कि सोमवार को जारी हुए एनआरसी मसौदे में 40 लाख से ज्यादा आवेदकों को बाहर कर देने से राज्य में असुरक्षा का माहौल सा बन गया है।

राहुल ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में कहा था, "राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को 1985 के असम समझौते में किए गए प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा शुरू किया गया था।"

उन्होंने कहा, "हालांकि, जिस तरह से इसे भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्र में और असम राज्य में कार्यान्वित किया गया है, इससे यह वांछित कार्यान्वयन के लिए बहुत कुछ छोड़ देता है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "असम के सभी कोनों से रिपोर्टे आई हैं, भारतीय नागरिकों के एनआरसी के ड्राफ्ट से नाम गायब हैं, जिससे राज्य में भारी असुरक्षा पैदा हो रही है।"

मसौदा जारी होने के बाद केंद्र सरकार ने लोगों से परेशान नहीं होने का आग्रह किया है और कहा है कि अंतिम सूची तैयार होने से पहले 30 अगस्त और 28 सितंबर के बीच आवेदक अपना दावा करें, उन्हें नागरिकता साबित करने के पर्याप्त मौके दिए जाएंगे। अंतिम सूची 31 दिसंबर तक तैयार होगी।

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