नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान कि उनका नाम 'राहुल सावरकर' नहीं है को लेकर विरोधी पार्टियां लगातार हमलावर है। शिवसेना द्वारा राहुल के इस बयान पर आपत्ति जताने के बाद उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया है। मायावती ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस को शिवसेना पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए वरना यह माना जाएगा कि वह नाटक कर रही है।
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मायावती ने ट्वीट्स में कहा, ‘शिवसेना अपने मूल एजेण्डे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है। किन्तु फिर भी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के साथ अभी भी बनी हुई है तो यह सब कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं है तो और क्या है? अतः इनको इस मामले में अपनी स्थिति जरूर स्पष्ट करनी चाहिए। वरना यह सब इनकी अपनी पार्टी की कमजोरियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए केवल कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी।’
वहीं, सावरकर पर राहुल गांधी के तंज पर शिवसेना ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि हिंदुत्व विचारक के प्रति श्रद्धा को लेकर कोई ‘समझौता’ नहीं किया जा सकता। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने ट्वीट किया, ‘वीर सावरकर न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए आदर्श हैं। सावरकर का नाम राष्ट्र और स्वयं के बारे में गौरव को दर्शाता है। नेहरू और गांधी की तरह सावरकर ने भी देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। ऐसे प्रत्येक आदर्श को पूजनीय मानना चाहिए। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।’