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'यात्रा मेरे लिए एक तपस्या थी', 'भारत जोड़ो यात्रा' को लेकर राहुल गांधी ने लिखा लंबा खत

 Reported By: Vijai Laxmi Written By: Sudhanshu Gaur
 Published : Jan 13, 2023 04:38 pm IST,  Updated : Jan 13, 2023 09:24 pm IST

राहुल गांधी ने इस पत्र में लिखा कि आज हमारी विविधता भी खतरे में है। कुछ विभाजनकारी ताकतें हमारी विविधता को हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं। एक धर्म को दूसरे धर्म से एक जाति को दूसरी जाति से एक भाषा को दूसरी भाषा से और एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाया जा रहा है।

राहुल गांधी - India TV Hindi
राहुल गांधी Image Source : PTI

सितंबर से कन्याकुमारी से शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा के 3500 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा पूरी होने के बाद राहुल गांधी ने एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने अब तक के सफर की यादें साझा की हैं। यात्रा इस समय पंजाब में है और और अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। उन्होंने इस पत्र में अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन को लेकर भी कई बातें साझा की हैं। राहुल गांधी ने कहा, ''भारत जोड़ो यात्रा ने उन्हें सिखाया है कि मेरे व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन का लक्ष्य एक ही है- हक की लड़ाई में कमजोरों का ढाल बनना और जिनकी आवाज दबाई जा रही है, उनकी आवाज उठाना।'' 

'बेहतर भारत का सपना टूटता जा रहा है'

राहुल गांधी ने अपनी इस चिट्ठी में लिखा, "आज भारत गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है और युवा बेरोजगार हैं। महंगाई आसमान छू रही है। किसान कर्ज के बोझ के तले दबा जा रहा है। लोगों को नौकरियां जा रही हैं और उनकी आय कम होती जा रही है। जबकि देश की सारी संपत्ति चंद उद्योगपतियों की जेब में जा रही है। आज बेहतर भारत का सपना टूटता जा रहा है इसके साथ ही देश में चारों तरफ निराशा का माहौल है।"

राहुल गांधी के द्वारा लिखी गई चिट्ठी
Image Source : FILEराहुल गांधी के द्वारा लिखी गई चिट्ठी

'आपस में ही लड़ाया जा रहा'

कांग्रेस नेता ने पत्र में लिखा कि आज हमारी विविधता भी खतरे में है। कुछ विभाजनकारी ताकतें हमारी विविधता को हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं। एक धर्म को दूसरे धर्म से एक जाति को दूसरी जाति से एक भाषा को दूसरी भाषा से और एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाया जा रहा है। ये विभाजनकारी ताकते जानती हैं कि लोगों के दिलों में असुरक्षा और डर पैदा करके हो वो समाज में नफरत के बीज बो सकते हैं। लेकिन इस यात्रा के बाद मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि नफरत की राजनीति की अपनी सीमायें है और यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती।

'इस यात्रा ने लड़ने के लिए एक नई ताकत दी'

राहुल गांधी ने कहा कि इस यात्रा ने मुझे आप सब के हक़ में लड़ने के लिए एक नई ताकत दी है। ये यात्रा मेरे लिए एक तपस्या थी। जिसने मुझे सिखाया कि मेरे जीवन का ही लक्ष्य है- हक़ की लड़ाई में कमजोरों की ढाल बनना, जिनकी आवाज दबी जा रही है उनकी आवाज उठाना। उन्होंने लिखा कि मेरा सपना देश को अअंधेरे से उजाले की ओर, नफरत से मोहब्बत की ओर, निराशा से आशा की ओर ले जाना है। 

'कांग्रेस परिवार देश की परगति के समर्पित है' 

राहुल गांधी ने लिखा कि कांग्रेस परिवार पिछले 137 वर्षों से भारत की प्रगति के लिए समर्पित है फिर चाहे वह आजादी की लड़ाई हो, आजादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोना हो या फिर आजाद देश को सामाजिक, आर्थिक और वैज्ञानिक उंचाइयों पर ले जाना हो। कांग्रेस ने हर मुश्किल समय में भारत को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने लिखा कि आज फिर भारत एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हमने एकता और भाईचारे का संदेश घर-घर तक ले जाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। 

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