1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. गोवा में BJP के 11 ईसाई विधायक, एक को छोड़कर सभी कांग्रेस से आए

गोवा में BJP के 11 ईसाई विधायक, एक को छोड़कर सभी कांग्रेस से आए

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Apr 30, 2023 01:39 pm IST,  Updated : Apr 30, 2023 01:39 pm IST

बीजेपी ईसाई मतदाताओं तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रही है, जो तटीय राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। भाजपा के पास अभी 11 ईसाई विधायक हैं। जोशुआ डी सूजा को छोड़कर, बाकी सभी विधायक कांग्रेस से भगवा पार्टी में आए हैं।

bjp mla- India TV Hindi
गोवा में बीजेपी के 11 ईसाई विधायक Image Source : PTI (FILE PHOTO)

पणजी: गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में 16 ईसाई विधायक हैं और इनमें ज्यादातर भाजपा के सदस्य हैं। हालांकि नेताओं और लोगों का मानना है कि सभी ईसाई मतदाता भगवा पार्टी के साथ नहीं हैं। उनके अनुसार लोग व्यक्ति को वोट देते हैं, न कि पार्टी को। हालांकि, बीजेपी ईसाई मतदाताओं तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रही है, जो तटीय राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। भाजपा के पास अभी 11 ईसाई विधायक हैं। जोशुआ डी सूजा को छोड़कर, बाकी सभी विधायक कांग्रेस से भगवा पार्टी में आए हैं।

जोशुआ डी सूजा के पिता, दिवंगत फ्रांसिस डी सूजा, पहली बार 1999 में गोवा राजीव कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में विधायक चुने गए थे। बाद में 2002, 2007, 2012 और 2017 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। 2019 में उनकी मृत्यु के बाद, जोशुआ डी सूजा 2019 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए। वह वर्तमान में गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं, जो 2022 में दूसरी बार जीते थे।

फरवरी 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद, भाजपा ने जोशुआ डी सूजा, अटानासियो मोनसेरेट और उनकी पत्नी जेनिफर मोनसेरेट, मौविन गोडिन्हो और नीलेश कैबरल को चुना। पार्टी को निर्दलीय विधायकों एंटोनियो वास और अलेक्सी लोरेंको का भी समर्थन मिला। लोरेंको पूर्व कांग्रेसी हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल भी छोड़ दी और निर्दलीय चुनाव लड़ा। सितंबर 2022 में, पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, माइकल लोबो, डेलिलाह लोबो, केदार नाइक, संकल्प अमोनकर, राजेश फलदेसाई, अलेक्सो सिकेरा और रुडोल्फ फर्नांडीस कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए, इससे 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के मात्र तीन विधायक रह गए।

ईसाई समुदाय के 16 विधायकों में से कांग्रेस विधायक व विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, कार्लोस अल्वारेस फरेरा और अल्टोन डी कोस्टा, और आप विधायक वेंजी विगास और क्रूज सिल्वा विपक्षी पक्ष में रह गए हैं। आठ विधानसभा क्षेत्रों वाला सलकेते तालुका कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। इस तालुका पर नजर गड़ाए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को चुनने की कोशिश की थी, लेकिन 2022 में नवेलिम निर्वाचन क्षेत्र से केवल एक सीट ही जीत सकी थी।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने चुनाव के बाद कहा था कि जैसे उन्होंने सलकेटे से एक सीट जीती है, अब वे सात अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में पैठ बनाना शुरू करेंगे। दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी पैर जमाने के लिए 'मिशन सलामते' की शुरुआत की थी, लेकिन तब कुछ खास नहीं हुआ। सालकेटे ने हमेशा कांग्रेस को सरकार बनाने में फायदा पहुंचाया है क्योंकि उनके अधिकांश उम्मीदवार यहां से जीतते थे। इस तालुका को गोवा की राजनीति में गेम चेंजर माना जाता है।

निर्दलीय विधायक अलेक्सो लौरेंको (साल्सेटे से) ने कहा कि गोवा के लोग किसी पार्टी को वोट नहीं देते, वे एक व्यक्ति को वोट देते हैं। उन्होंने कहा, पिछले विधानसभा चुनावों के परिणामों ने इसे साबित कर दिया है। कांग्रेस का मतलब ईसाई मुक्त है। राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं है। अगर बीजेपी अच्छा करती है तो लोग बीजेपी को वोट देंगे, अगर ऐसा नहीं है तो लोग वोट नहीं देंगे। आपको 2024 के लोकसभा चुनाव में रुझान पता चल जाएगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उम्मीदवार कौन है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत