Tuesday, March 10, 2026
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खेतों में काम किया, शिबू सोरेन के वफादार.., चंपई सोरेन के बारे में ये चीज नहीं जानते होंगे आप

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Feb 01, 2024 08:08 pm IST, Updated : Feb 01, 2024 08:12 pm IST

चंपई सोरेन को 1990 के दशक में अलग झारखंड राज्य के लिए चली लंबी लड़ाई में योगदान देने को लेकर ‘झारखंड टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है।

चंपई सोरेन- India TV Hindi
Image Source : PTI चंपई सोरेन

रांचीः झारखंड में सरायकेला-खरसांवा जिले के जिलिंगगोड़ा गांव में अपने पिता के साथ खेतों में काम करने से लेकर राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में नाम प्रस्तावित किये जाने तक का 67 वर्षीय चंपई सोरेन का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के वफादार माने जाने वाले राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को 1990 के दशक में अलग (झारखंड) राज्य के लिए चली लंबी लड़ाई में योगदान देने को लेकर ‘झारखंड टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है।

पिता के साथ खेतों में काम किया

चंपई ने झामुमो विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा, ‘‘मैं अपने पिता (सिमल सोरेन) के साथ खेतों में काम किया करता था। अब किस्मत ने मुझे एक अलग भूमिका निभाने का मौका दिया है। मनी लांड्रिंग के एक मामले में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और फिर उनकी गिरफ्तारी होने के बाद चंपई झामुमो विधायक दल के नये नेता चुने गए।

सरकारी स्कूल से मैट्रिक तक की पढ़ाई 

सरकारी स्कूल से मैट्रिक तक की पढ़ाई करने वाले चंपई की शादी काफी कम उम्र में ही हो गई थी। उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उन्होंने 1991 में सरायकेला सीट से उपचुनाव में निर्दलीय विधायक चुने जाने के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की। इसके चार साल बाद उन्होंने झामुमो के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा उम्मीदवार पंचू टुडू को हराया था। वहीं, 2000 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर वह भाजपा के अनंत राम टुडू से हार गए।

 सरायकेला सीट से कई बार जीते

उन्होंने 2005 में, भाजपा उम्मीदवार को 880 मतों के अंतर से शिकस्त देकर इस सीट पर फिर से अपना कब्जा जमा लिया। चंपई ने 2009, 2014 और 2019 के चुनावों में भी जीत हासिल की। वह सितंबर 2010 से जनवरी 2013 के बीच अर्जुन मुंडा नीत भाजपा-झामुमो गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। हेमंत सोरेन ने जब 2019 में राज्य में सरकार बनाई, तब चंपई खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और परिवहन मंत्री बनाये गए। चंपई का नाम राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तावित किया गया है और एक समर्थन पत्र राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को सौंपा गया है।

(इनपुट-भाषा)

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