पटना: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के अपने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रिएक्शन दिया है। चिराग पासवान ने कहा कि मैं इसके ऊपर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि जब कोई परिवार ऐसी मुश्किल स्थिति से गुजरता है तो उसकी मानसिक हालत क्या होती है। इससे मैं भी गुजरा हूं। हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमेशा मैंने लालू यादव के परिवार को अपना माना है।
चिराग पासवान ने आगे कहा कि चाहे तेजस्वी हों, तेज हों, रोहिणी या मीसा हों, मैंने उन्हें अपना बहन-भाई माना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि ये फैमिली मैटर जल्द से जल्द सुलझ जाए। यदि परिवार में एकता है, तो व्यक्ति बाहर कठिन परिस्थितियों से लड़ सकता है। परिवार निश्चित रूप से कठिन परिस्थिति से गुजर रहा होगा।
वहीं, जन सुराज के प्रवक्ता पवन वर्मा की तरफ से बिहार में महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के लिए धनराशि के गलत इस्तेमाल पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पूछा कि उन्हें ये डेटा और जानकारी कहां से मिलती है? वे सिर्फ खोखले दावे कर रहे हैं। अगर उनके पास कोई फैक्ट है, तो उसे पेश करें और सरकार उसका जवाब देगी।
बता दें कि पवन वर्मा ने कहा था कि प्रधानमंत्री खुद 'रेवड़ी' की आलोचना करते थे लेकिन अब बिहार में क्या हुआ? वर्तमान में, बिहार का ऋण लगभग 4,06,000 करोड़ रुपये है। इसका हर दिन का ब्याज 63 करोड़ रुपये है। हमारे पास जानकारी है, जो गलत भी हो सकती है, कि 21,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक से किसी अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए आए थे। आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक एक घंटे पहले, 14,000 करोड़ रुपये निकाले गए और 1.25 करोड़ महिलाओं को 10-10,000 रुपये आवंटित किए गए। फिर सवाल उठता है कि यह कितना नैतिक है?
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