नई दिल्ली: संसद की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में कूदने वाले दो लोगों के मामले में लोकसभा सचिवालय ने अपने आठ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही लोकसभा स्पीकर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी को लोकसभा सचिवालय (सुरक्षा) से निलंबित कर दिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को बताया कि स्पीकर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
लोकसभा सचिवालय में कार्यरत जिन कर्मचारियों को निलंबित किया उनके नाम- रामपाल, अरविंद, वीर दास, गणेश, अनिल, प्रदीप, विमित और नरेंद्र शामिल है। इन सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी संसद की सुरक्षा थी लेकिन वे इसमें नाकाम रहे।
सरकार की ओर से सामने आए राजनाथ
लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कल जो घटना हुई, उसकी सबने निंदा की है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। लोकसभा अध्यक्ष ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। हम सभी सांसदों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस प्रकार से संसद में अराजक स्थिति पैदा करना उचित नहीं है।
दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए थे
बता दें कि संसद पर 2001 में किए गए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली 'केन' लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की हुई पहचान
सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी.के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है।