संसद के विशेष सत्र में सरकार ने संसद के लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ मंगलवार को लोकसभा में पास हो गया। विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ‘संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023’ पेश किया।
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राहुल गांधी ने कहा कि नई संसद के प्रवेश समारोह में राष्ट्रपति को भी बुलाना चाहिए। राहुल गांधी ने जाति जनगणना की भी मांग की। भारत के 90 सचिवों में से सिर्फ तीन ओबीसी से हैं। ये सिर्फ हिंदुस्तान के पांच प्रतिशत बजट को कंट्रोल करते हैं।
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर अपने संबोधन में कहा कि इस बिल को हमारा समर्थन है। महिला आरक्षण तुरंत लागू होना चाहिए। यह एक बड़ा कदम है। ओबीसी महिलाओं को महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए।
दिल्ली: महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है, ''बिल पास होना चाहिए...बिल का समर्थन करने के साथ-साथ सुझाव देना भी हमारा कर्तव्य है. हम सरकार को सुझाव देना चाहते हैं.'' ..संसद में किसी ने भी विधेयक का विरोध नहीं किया...''
सफलता के कई पिता होते हैं, असफलता का कोई नहीं। कल जब सदन में यह विधेयक आया तो कई लोगों ने इसे अपनी राजनीतिक विरासत बताया। हमको बार-बार बताया गया कि एक परिवार ने 73वां, 74वां संविधान संशोधन पारित कराया। वह काम पीवी नरसिम्हा राव जी ने किया जिनके मरने के बाद उनके ही पार्टी हेडक्वार्टर में उनको नमन करने का मौका नहीं दिया गया: स्मृति ईरानी
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पिछली सरकारें बिल पास कराने में नाकाम रही थीं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने के लिए आभार जताया।
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम 4 बजे सदन में बोलेंगे।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि एससी,एसटी,ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण मिले। सरकार ये भी बताए कि जातिगत जनगणना कब होगी। ये बिल राज्यसभा और विधान परिषद में क्यों नहीं पास हुआ?
बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित लालगंज लोकसभा सीट से बीएसपी की सांसद संगीता आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर और कांशीराम की बदौलत हमें लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में जाने का मौका मिला।
हम बिल का समर्थन करते हैं लेकिन यह I.N.D.I.A के गठन के जवाब में पैनिक होकर उठाया गया कदम है। बिहार से सीखिए, हमने सरकार बनाने के बाद बिहार में महिलाओं को आरक्षण दिया। आपको महिला सशक्तीकरण से कोई मतलब नहीं है: जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह
मैं इस (महिला आरक्षण बिल) बिल के समर्थन में खड़ी हूं जोकि पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल में लागू किया जा चुका है। पश्चिम बंगाल देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जहां एक महिला मुख्यमंत्री हैं जबकि देश के 16 राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद इनमें से किसी भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं है। ममता बनर्जी ने महिलाओं के हित के लिए बुलंद तरीके से अपनी आवाज़ उठाई है। विशेष रूप से भारतीय विधानसभा में हमारे पास देश में किसी और विधानसभाों की तुलना में सबसे अधिक महिलाएं हैं, हमारे यहां ममता बनर्जी के साथ-साथ कई महिला मंत्री है: लोकसभा पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार
उन दोनों शब्दों से बीजेपी को कोई मतलब ही नहीं है देश में अमन-चैन हो, धर्मनिरपेक्षता हो..जो हमारे बाबा साहब अम्बेडकर की सोच थी, जो हमारे संविधान निर्माता की सोच थी उससे इनका कोई लेना देना ही नहीं है। समाजवाद इन्हें करना ही नहीं है। इनको धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी व्यवस्था से नफरत है ये देश का भला कर ही नहीं सकते: सांसदों को दी गई संविधान की प्रतियों में 'समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष' शब्द न होने के दावे पर AAP नेता संजय सिंह
जितना उत्साह और खुशी कल थी, सरकार ने उसपर पानी फेर दिया। जनगणना के बाद परिसीमन होकर इस बिल को लागू किया जाएगा। अगले 5-6 साल तक ये लागू होने वाला नहीं है। जब आप(केंद्र सरकार) इसे लागू ही नहीं कर रहे तो आप इस बिल को लेकर क्यों आए?: शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल
क्या महिलाएं मजबूत नहीं हो सकतीं? क्या महिलाओं ने युद्ध नहीं लड़े और जीते? क्या इंदिरा गांधी जैसी मजबूत नेता इस देश में नहीं हुईं? जयललिता भी बड़ी मजबूत नेता थीं: डीएमके सांसद कनिमोझी
ये बिल आपका नहीं है..जो गोल मारता है उसके नाम से ही गोल माना जाता है। माननीय प्रधानमंत्री जी गोल मारने के लिए तैयार हैं, ये बिल बीजेपी का है आपको मानना पड़ेगा: BJP सांसद निशिकांत दुबे
यह कैसे हो सकता है? उनके मन में जो है वह उनके कार्यों से झलकता है। अब प्रस्तावना और संविधान में संशोधन किया गया है। प्रस्तावना में सबसे महत्वपूर्ण शब्द समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष का न होना स्पष्ट रूप से संदेश है जो सरकार दे रही है कि वे इस पर विश्वास नहीं करते। यह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, दिल्ली
मैंने कुछ नहीं देखा है, जब तक मैं नहीं देखूंगा तब तक इसपर कुछ बयान नहीं कर सकता। आज मैं इसकी कॉपी लूंगा। उसके बाद ही कुछ टिप्पणी कर पाऊंगा: सांसदों को दी गई संविधान की प्रतियों में 'समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष' शब्द न होने के दावे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, 'विपक्ष इतने सालों तक इस बिल को लेकर नहीं आया, हमारे प्रधानमंत्री जी ने नैतिक साहस दिखाया, हमारी पार्टी ने यह नैतिक साहस दिखाया और बिल लेकर आए, तो इनके पेट में दर्द हो रहा है।'
मैं अधीर रंजन जी को इतना पूछना चाहता हूं कि क्या महिलाओं की चिंता सिर्फ महिलाएं करेंगी? पुरूष नहीं कर सकते हैं? किस प्रकार के समाज की आप रचना चाहते हैं भाई? महिलाओं की चिंता और उनके हित के बारे में भाइयों को सोचना चाहिए, यही इस देश की परंपरा है। महिलाओं के बारे में सोचना का अधिकार सभी को है। ऐसे में हमारे साथी सांसद निशिकांत जी के खड़े होने पर उन्हें क्या आपत्ति है?: गृह मंत्री अमित शाह
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने लोकसभा में कहा कि महिलाओं को आरक्षण के लिए और इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि भारत की महिलाओं के पास समंदर जैसा धीरज है। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाओं का सफर बहुत लंबा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में महिलाओं ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाइयां लड़ी हैं।
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा कि वह बिल के समर्थन में खड़ी हैं।
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि ये राजीव गांधी का सपना था।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। आज संसद में महिला आरक्षण बिल पर जोरदार बहस होने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश होगी कि बिल को लोकसभा में आज ही पास करा लिया जाए।
आज कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, जो लोक लेखा समिति (PAC) के प्रमुख हैं, लोकसभा में भूजल प्रबंधन और सांस्कृतिक संस्थानों से संबंधित मुद्दों से संबंधित दो रिपोर्ट रखेंगे। इसके अलावा बीजू जनता दल सांसद भर्तृहरि महताब लोकसभा में श्रम पर स्थायी समिति की रिपोर्ट भी पेश करेंगे।
कोई सवाल नहीं है, एक रिवॉल्यूशन बनी है। 2010 में कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल लेकर आई थी, भाजपा ने समर्थन भी किया था लेकिन लोकसभा में इस बिल को पास करने की उनकी हिम्मत नहीं थी। अभी जो मुद्दें उठ रहे हैं यह दर्शा रहा है कि कोई अन्य मुद्दा नहीं है: भाजपा सांसद प्रकाश जावड़ेकर
इस पर पूरे दिन चर्चा होगी। यह 11 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलने का समय निर्धारित किया गया है...इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है: महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
आज की बहस में सबसे ज्यादा निगाहें सोनिया गांधी और स्मृति ईरानी पर रहेंगी। बता दें कि स्मृति ईरानी आज शाम 4 बजे बहस में हिस्सा लेंगी।
महिला आरक्षण बिल पर बहस में ज्यादा से ज्यादा महिला सांसद हिस्सा लेंगी। सत्ता पक्ष से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोर्चा संभालेंगी तो विपक्ष से सबसे बड़ा चेहरा होंगी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। इसके अलावा स्मृति ईरानी, महुआ मोइत्रा, अनुप्रिया पटेल और डिंपल यादव भी बहस में हिस्सा ले सकती हैं।
महिला आरक्षण बिल पर आज लोकसभा में 7 घंटे की चर्चा होगी, लेकिन उससे पहले विपक्षी गठबंधन की मीटिंग होगी। I.N.D.I.A गठबंधन के फ्लोर नेता महिला आरक्षण बिल को लेकर रणनीति तय करेंगे।
कांग्रेस की तरफ महिला आरक्षण विधेयक पर बहस की ज़िम्मेदारी खुद सोनिया गांधी संभाल सकती हैं। इनके अलावा अलग-अलग दलों की महिला सांसद इस ऐतिहासिक बिल पर लोकसभा में चर्चा में हिस्सा ले सकती हैं।
आज महिला आरक्षण विधेयक पर होने वाली बहस में बीजेपी की तरफ से निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी और सांसद दिया कुमारी हिस्सा लेंगी।
महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए पेश किये गये नारी शक्ति वंदन बिल पर आज लोकसभा में बहस शुरू होने जा रही है।
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