PM मोदी ने की मन की बात, वोकल फॉर लोकल का किया जिक्र; जानें 10 बड़ी बातें
PM मोदी ने की मन की बात, वोकल फॉर लोकल का किया जिक्र; जानें 10 बड़ी बातें
Edited By: Amar Deep
Published : Jul 27, 2025 12:23 pm IST,
Updated : Jul 27, 2025 12:23 pm IST
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी से लेकर आजादी की लड़ाई तक का जिक्र किया। आइये जानते हैं 'मन की बात' की 10 बड़ी बातें।
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पीएम मोदी ने की मन की बात।
पीएम मोदी ने रविवार 27 जुलाई को 'मन की बात' की। उन्होंने 'मन की बात' के 124वें एपिसोड में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने साइंस से लेकर आत्मनिर्भर भारत और आजादी की लड़ाई से लेकर देशभर के किलों की बात की। पीएम मोदी ने इसके अलावा भी कई अहम बातें देश के सामने रखीं। आइये पीएम मोदी के मन की बात से जुड़ी 10 बड़ी बातों के बारे में जानते हैं।
'मन की बात' की 10 बड़ी बातें-
चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग हुई, तब से देश में एक नया माहौल बना। विज्ञान को लेकर बच्चों में एक नई जिज्ञासा जगी।
हमारे छात्रों ने इंटरनेशनल केमेस्ट्री ओलंपियाड और ऑस्ट्रेलिया में हुए इंटरनेशल मैथेमेटिक्स ओलंपियाड में मेडल हासिल किए हैं।
यूनेस्को ने 12 किलों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की मान्यता दी है। ये सभी किले ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े हैं।
भारत में मौजूद किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। सभी देशवासियों को इन किलों की यात्रा करनी चाहिए और अपने इतिहास को जानना चाहिए।
अनगिनत बलिदानों के बाद, सदियों की तपस्या के बाद, हमें आजादी मिली थी। देश के दीवानों ने अपने रक्त से आजादी के आंदोलन को सींचा था।
विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है, ‘वोकल फॉर लोकल’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे मजबूत आधार है।
भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट में एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है 'ज्ञान भारतम् मिशन'। इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों को Digitize किया जाएगा। फिर एक National Digital Repository बनाई जाएगी, जहां दुनिया भर के विद्यार्थी, शोधकर्ता, भारत की ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे।
काजीरंगा नेशनल पार्क में पक्षियों की 40 नई प्रजातियों की पहचान की गई। ये बिना पक्षियों को परेशान किये, विज्ञान की सहायता से किया गया।
वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भारत ने 600 मेडल हासिल किए। 71 देशों में भारत ने टॉप-3 में जगह बनाई।
स्वच्छ भारत मिशन को जल्द 11 साल पूरे होंगे, लेकिन इसकी ताकत और जरूरत आज भी वैसी ही है। लोग इसे अपना फर्ज मानते हैं, यही असली जनभागीदारी है।