नई दिल्लीः कांग्रेस के सीनियर नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव- 2025 में दावा किया पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानून को लेकर धमकाया था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था।
राहुल गांधी ने कहा कि अरुण जेटली जी ने मुझसे कहा था, "अगर आप सरकार का विरोध करते रहोगे, कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहोगे तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। मैंने उनकी तरफ देखा और कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हो"..."। राहुल गांधी ने कहा कि वह बीजेपी की धमकी के आगे नहीं झुके और किसानों के हक में लड़ते रहे।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर किया पलटवार
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी हर दिन एक नया झूठ और एक नया प्रचार लेकर आते हैं। मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहता हूं कि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था और कृषि कानून क्रमशः 17 सितंबर 2020 और 20 सितंबर 2020 को लोकसभा और राज्यसभा में पारित हुए थे। जब विधेयक आया, तब तक अरुण जेटली का निधन हो चुका था।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को अरुण जेटली के परिवार, भाजपा और पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए जब जेटली जी इस दुनिया में थे ही नहीं तो कैसे उनसे मिले और कब उन्हें धमकी दी।
अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी राहुल गांधी को दिया जवाब
वहीं दिवंगत अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस सांसद से दिवंगत लोगों के बारे में बात करते समय सावधान होकर बात करने की सलाह दी। एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में रोहन ने राहुल को यह भी याद दिलाया कि उनके पिता का निधन 2019 में हुआ था, जबकि विवादास्पद कृषि कानून 2020 में संसद में पेश किए गए थे।
रोहन जेटली ने कहा कि उनके पिता का स्वभाव विपरीत विचारों को लेकर किसी को भी धमकाना नहीं था। रोहन ने अपनी पोस्ट में कहा कि अरुण जेटली एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।
इनपुट- एएनआई
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