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जम्मू-कश्मीर में बसों का किराया बढ़ा, मंत्रियों-विधायकों के TA-DA और चिकित्सा भत्तों में भी बढ़ोतरी

 Reported By: Manzoor Mir Edited By: Mangal Yadav
 Published : Mar 13, 2026 11:38 pm IST,  Updated : Mar 13, 2026 11:53 pm IST

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई। मीटिंग में कई अहम फैसलों को मंजूरी मिली।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला- India TV Hindi
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल Image Source : X@OMARABDULLAH

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में बसों का किराया बढ़ गया है। कैबिनेट की मीटिंग में यात्री वाहनों के किराए में 18 प्रतिशत की वृद्धि की मंजूरी दी गई। इसकी मांग ट्रांसपोर्टर पिछले पांच वर्षों से कर रहे थे। ट्रांसपोर्टरों ने 50 प्रतिशत की वृद्धि की मांग की थी, लेकिन सरकार ने 18 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी। सरकार सड़कों पर 200 और बसें उतारने की भी तैयारी कर रही है। मंत्रिमंडल ने मंत्रियों, विधायकों, अध्यक्ष और विपक्ष के नेता (एलओपी) के लिए टीएडीए और चिकित्सा भत्तों में वृद्धि को भी मंजूरी दी।

जम्मू और कश्मीर मंत्रिमंडल ने कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की सर्वसम्मति से निंदा की और इस हमले की गहन जांच की मांग की। कैबिनेट ने आरोपी पर कड़ा एक्शन लेने की मांग की। 

कई फैसलों को मिली मंजूरी

बता दें कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कैबिनेट की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में शासन को मज़बूत करने और विकास को गति देने के उद्देश्य से लिए गए अहम फ़ैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में बताया कि ये फ़ैसले प्रशासनिक दक्षता और जन सेवा वितरण में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और सकीना इटू, जावेद अहमद राणा, जावेद अहमद डार और सतीश शर्मा सहित अन्य मंत्री भी शामिल हुए। मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी इस दौरान मौजूद थे।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने SASCI योजना के तहत चल रहे कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भी एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और उनकी प्रभावी निगरानी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस योजना का लाभ बिना किसी फंड की कमी के, तय समय-सीमा के भीतर, पूरी पारदर्शिता और कुशलता के साथ ज़मीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचे।

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