राजौरी: स्वतंत्रता के बाद पहली बार राजौरी जिले के मंजाकोट ब्लॉक में सड़क और पुलों का जाल बिछ रहा है। नियंत्रण रेखा यानी कि LoC से सटे इस इलाके में केंद्र सरकार की कई योजनाओं ने तेजी से विकास का काम शुरू किया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है और इलाके में जश्न का माहौल है। हाल ही में मंजाकोट से राजौरी तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी हो गई है। यह सड़क हाईवे 144A अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत बनी है, जिसका मकसद राजौरी-पुंछ के बीच सफर का समय कम करना और 4 लेन करना है। इस प्रोजेक्ट की वजह से सीमा से लगे कई गांवों तक पहुंच आसान हो गई है।
'यह प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ था'
पैकेज-6 के तहत कल्कर से धारी धारा तक का हिस्सा BRO यानी कि बार्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन बना रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), PWD और नाबार्ड की योजनाओं से दूर-दराज के गांवों में सड़कें और पुल तेजी से बन रहे हैं। साइट इंचार्ज सद्दाम हुसैन ने बताया, 'यह प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ था। कुल 3.02 करोड़ रुपये की लागत आई है। रोजाना कड़ी निगरानी रखी जाती है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।' स्थानीय लंबरदार मोहम्मद जावेद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'पहले हालात बहुत खराब थे। बारिश में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते थे। अब बस उनके दरवाजे तक आती है।'
'अब बच्चे आसानी से पढ़ने जाते हैं'
मोहम्मद जावेद ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और कुछ दूसरी वजहों से थोड़ी देर हुई, लेकिन काम जल्दी पूरा हो गया। अब बच्चे आसानी से पढ़ने जाते हैं, दुकानें खुल रही हैं और पूरा इलाका तरक्की कर रहा है।' ग्रामीणों का कहना है कि पहले कोई बीमार पड़ता था या चोट लगती थी तो हालत बहुत गंभीर हो जाती थी, क्योंकि एम्बुलेंस या गाड़ी यहां तक नहीं पहुंच पाती थी, अब मरीज को फौरन अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। इसी कड़ी में 8 दिसंबर को बीआरओ ने राजौरी में भवानी सेतु पुल का उद्घाटन किया गया। इस पुल से भवानी, कलसियान और झांघर, कुल 3 पंचायतों के सफर का समय काफी कम हो जाएगा। (ANI)



