झारखंड के सरायकेला जिले में जंगली हाथियों का आंतक जारी है। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में शनिवार रात हाथियों के हमले में एक किसान की मौत हो गई। घटना कुकड़ू प्रखंड के लेटेमदा पंचायत की है। यहां नुतुनडीह गांव में जंगली हाथी के हमले में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय बुका महतो उर्फ गौरांग महतो के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बन गया है।
घटना की सूचना मिलते ही चांडिल रेंज के रेंजर शशि प्रकाश और फॉरेस्टर राधारमण ठाकुर मौके पर पहुंचे। वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को त्वरित सहायता के रूप में 50 हजार रुपये नकद मुआवजा दिया गया। शेष मुआवजा राशि का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किया जाएगा।
ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने तीन टॉर्च लाइट और हाथी भगाने के लिए बम-पटाखा भी उपलब्ध कराया है। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव उर्फ माझी साव, जिला परिषद प्रतिनिधि सुनील महतो, लेटेमदा पंचायत के मुखिया इंद्रजीत सिंह और नुतुनडीह गांव के ग्राम प्रधान हिमांशु कुमार सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने वन विभाग से हाथियों के हमले से ग्रामीणों की सुरक्षा की मांग की। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की।
झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं 2025 में काफी बढ़ी हैं। 16-19 दिसंबर के बीच हाथियों के हमले में 6 मौतें हुई थीं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। इस साल 16 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। जंगलों की कटाई, खनन और सड़कें बनने से हाथियों के पारंपरिक रास्ते टूट रहे हैं। हाथी भोजन/पानी की तलाश में गांवों में आते हैं। कुछ मामलों में ग्रामीणों द्वारा पत्थर मारे जाने या सेल्फी लेने से हाथी भड़क जाते हैं। इसी वजह से हाथी हमला कर देते हैं।
(सरायकेला से गंगाधर पांडे की रिपोर्ट)
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