White butter vs yellow butter: बटर का नाम आते ही दिमाग में एक ही चीज आती, ब्रेड और बटर। सालों से ये हमारे क्विक नाश्ते का हिस्सा रहा है। हालांकि कभी हमने सोचा नहीं कि क्या इसे खाना हेल्दी है। दूसरा, कभी हमारे दिमाग में ये बात भी नहीं आई कि घर में बनने वाले सफेद मक्खन की तुलना में ये अच्छा है या खराब। इन तमाम बातों के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि मक्खन से निकलने वाले तत्व आपके शरीर को जहां फायदा पहुंचा सकते हैं वहीं, नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं। तो, आइए आज सबसे पहले जानते हैं इन दोनों के बीच का अंतर और फिर जानेंगे क्या है इन दोनों में सबसे ज्यादा हेल्दी।
सफेद मक्खन, बिलकुल नेचुरल है या कहें कि अनप्रोसेस्ड है यानी कि बिना मिलावट वाला। ये बिलकुल हेल्दी फैट है और इसका सेवन आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। इसे लोग अपने जोड़ों पर और स्किन पर भी लगाते हैं ताकि नमी बनी रहे और हड्डियों के बीच नमी की कमी न हो। इसके अलावा इस व्हाइट बटर से आप असली घी बनाकर लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं। बस, पीले मक्खन की तुलना में इनकी शेल्फ लाइफ कम होती है, लेकिन जब इसे फ्रीजर में रखा जाता है, तो यह लंबे समय तक चल सकता है।

बटर या पीले मक्खन को लोग नमकीन मक्खन भी कहते हैं। इस मक्खन में फैट की मात्रा अधिक होने के कारण इसका रंग पीला होता है। साथ ही इसमें नमक मिलाया जाता है ताकि इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाए और यह लंबे समय तक चलता रहे। पीला मक्खन काफी प्रोसेस्ड होता है और इसमें ट्रांस फैट और कैलोरी की भी मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो पीला मक्खन शरीर में सोडियम के स्तर को बढ़ा सकता है, साथ ही हाई कोलेस्ट्रॉल वालों के लिए भी इसका सेवन फायदेमंद है।
अब ऊपर इन तमाम चीजों को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि आपकी सेहत के लिए किस चीज का सेवन ज्यादा फायदेमंद है। फिर हम आपको बताते हैं कि सफेद मक्खन सेहत के लिए ज्यादा अच्छा है क्योंकि इसमें ओमेगा-3 है, विटामिन ए है और ई है। ये तमाम चीजें आंखों की सेहत के लिए, ब्रेन की सेहत के लिए और आपकी हड्डियों के लिए फायदेमंद है। बस तो ताजा बनाएं और ताजा खाएं। फ्रिज में रख रहे हैं तो 5 से 7 दिन में ही इस्तेमाल करके खत्म कर लें, उसके बाद फिर मक्खन बना लें।
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