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जानिए अयोध्या दीपोत्सव से जुड़ी 5 दिलचस्प बातें, हर साल मनाया जाता है दीपावली से एक दिन पहले

Written by: India TV Lifestyle Desk Published : Nov 06, 2018 02:39 pm IST, Updated : Nov 06, 2018 03:01 pm IST

भगवान राम की जन्म भूमि आयोध्या में दिवाली के लिए खास आयोजन करते हुए 'अयोध्या दीपोत्सव 2018' का आयोजन किया गया है।

अयोध्या दीपोत्सव 2018- India TV Hindi
अयोध्या दीपोत्सव 2018

नई दिल्ली: भगवान राम की जन्म भूमि आयोध्या में दिवाली के लिए खास आयोजन करते हुए 'अयोध्या दीपोत्सव 2018' का आयोजन किया गया है। अयोध्या में तीन दिन की दिवाली के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आयोध्या दीपोत्सव की भव्य तैयारियां बस अपने चरम पर है। आज दोपहर 3 बजे से दीपोत्सव कार्यक्रम शुरू कि जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरयू के तट दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान लगभग 3 लाख दीए जलाएं। ऐसी बहुत सारी रोचक बाते अयोध्या दीपोत्सव से जुड़े हुए हैं। कहा जाता है कि त्रेता युग में जैसे प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से इसी जगह पर उतरे थे।

बता दें कि छोटी दिवाली के अवसर पर आज सरयू नदी पर 3 लाख 35 हजार दिए जलाए जाएंगे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है, यही कारण है कि इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जाएगा। सरयू नदी के घाट पर भगवान राम और भगवान हनुमान की 30 फीट की मूर्ति लगाई गई है। जबकि मुख्य कार्यक्रम के आयोजन स्थल के पास भव्य और सुंदर तोरण द्वार भी बनाया गया है।

इस भव्य कार्यक्रम में कलाकार हेलीकॉप्टर से उतरेंगे

कहा जाता है कि त्रेता युग में जैसे प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से इसी जगह पर उतरे थे। आज के युग या यूं कहे कि आज इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकार हेलीकॉप्टर से उतरेंगे।

विश्व के अलग-अलग देश आएंगे कलाकार

दीपोत्सव के दौरान रामलीला का आयोजन किया गया है जिसमें भाग लेने के लिए विश्व के अलग-अलग देशों से कलाकार बुलाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडोनेशिय, Trinidad और रशिया के साथ-साथ साउथ कोरिया के कई कलाकार आए हैं।​
 

देशी-विदेशी झांकियां निकाली जाएगी
अयोध्या में दिवाली के अवसर पर भव्य आयोजन का प्रारम्भ हो गया। राम की नगरी हर तरफ 'राममय' नजर आ रही है। इस अवसर पर देशी-विदेशी झांकियों ने लोगों का मनमोह लिया। अयोध्या में कोरिया, रूस, लाओस और ट्रिनिडाड के कलाकारों समेत कुल 500 लोक कलाकार भाग ले रहे हैं। राम की नगरी में हर तरफ भव्यता ही भव्यता नजर आ रही है।

सबसे खास है रिमोट वाला दीप
कोरिया गणराज्य की प्रथम महिला, मुख्यमंत्री और अन्य अतिथि मंच पर रखे दीपों का प्रज्ज्वलन करेंगे। इसके अलावा रिमोट से एक बड़े दीप का प्रज्ज्वलन होगा। राम की पैड़ी पर वॉटर शो के माध्यम से राम कथा का प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर रामलीला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले विख्यात व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।​

साउथ कोरिया-भारत का अयोध्या कनेक्शन
रिपब्लिक ऑफ कोरिया के प्राचीन ग्रंथ के अनुसार 48 एडी में दैवीय संकेत पर अयोध्या के तत्कालीन शासक ने अपनी पुत्री को समुद्री यात्रा पर भेजा था। वह राजकुमारी यात्रा करते-करते कोरिया पहुंच गई और वहां उनका विवाह तत्कालीन शासक किंग सूरो से हो गया। इन्हीं के वंशजों की संख्या कोरिया में करीब साठ लाख है। कोरिया सरकार में महारानी के वंशजों के प्रभावी होने पर उन्होंने ‘महारानी के जन्मस्थल अयोध्या’  की खोज शुरू की। इसी कड़ी में कोरियाई राजदूत 1998 में अयोध्या पहुंचे थे। कोरियाई वंशज अयोध्या को अपनी मातामही का पवित्र जन्मस्थान मानते हैं।

कोरिया कनेक्न

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