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सीदी बशीर मस्जिद जो आज भी है लोगों के लिए एक अजूबा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Nov 22, 2015 11:23 pm IST,  Updated : Nov 23, 2015 03:05 pm IST

नई दिल्ली: दुनियाभर के इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट के लिए अनसुलझा रहस्य बनी हुई है ये झूलती हुई मीनार। क्योंकि किसी एक मीनार को हिलानें पर दूसरी वाली कुछ अंतराल में खुद ही हिलने लगती है।

india TVविशेषज्ञ क्या मानते इस रहस्य के बारें में

इस बारें में इन लोगों का कहना है कि ये मीनार अनजानें में झूलने वाली बन गई है। जिन पत्थरों से इस मीनार का निर्माण किया गया है। वह पत्थर कुछ ज्यादा ही लचक वाले थे।

एक दूसरें शोध में यह बताया गया कि इन पत्थरों में फेलस्पार की मात्रा ज्यादा है जो कई सालों तक हुई रासायनिक अभिक्रिया का नतीजा है। यह मीनार बलुआ पत्थर से बनी है। है इन पत्थरों में ऐसा गुण पैदा हो गया।

इसके अलावा इन मीनारों की वास्तुकला भी इसके हिलने में मदद करती है। इन सिलेंडरनुमा मीनारों के अंदर सीढ़ियां सर्पाकार हैं। इसके पायदान पत्थरों को गढ़कर बनाए गए हैं। इनका एक किनारा मीनार की दीवार से जुड़ा है तो दूसरा छोर मीनार के बीचो-बीचों एक पतले स्तंभ की रचना करता है। पत्थरों की गढ़ाई बेहतरीन है। आज भी इनके जोड़ खुले नहीं हैं।

इससे यह बात साबित होती है कि निर्माण में कोई कमी नहीं है। जब मीनारों पर धक्का लगाया जाता है तो उसका असर दो दिशाओं पर होता है, एक तो ताकत लगाने की दिशा के विपरीत और दूसरा सर्पाकार सीढ़ियों की दिशा में नीचे से ऊपर की ओर। जिसके कारण मीनार आगे-पीछे हिलने लगती हैं।

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