मध्य प्रदेश के दमोह में एक ओबीसी युवक को ब्राह्मण युवक के पैर धोकर चरणामृत पीने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना में अहम बात यह थी कि यह सजा ब्राह्मण युवक ने नहीं दी, बल्कि पंचायत के लोगों ने मिलकर यह सजा दी। जब पीड़ित युवक पैर धो रहा था, तब उससे माफी मांगने के लिए भी कहा गया और पंचायत के लोग उसे प्रायश्चित करने का तरीका बताते हुए देखे जा सकते हैं।
घटना के बाद पीड़ित युवक ने वीडियो बनाकर आपबीती बयां की। पैर धोकर माफी मांगने और युवक का आपबीती बताने का वीडियो सामने आने के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के सतारिया गांव की है। यहां रहने वाले परसोत्तम कुशवाहा ने कुछ दिन पहले अन्नू पांडे नाम के व्यक्ति का एआई की मदद से वीडियो बनाया था। इस वीडियो में अन्नू को जूतों की माला पहने हुए दिखाया गया था। आरोप है कि अन्नू गांव में शराब बेचता था। इस वजह से परसोत्तम ने ऐसा किया। हालांकि, परसोत्तम ने 15 मिनट बाद ही वीडियो डिलीट कर लिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली, लेकिन मामला यहां नहीं रुका।
पंचायत का तालिबानी फैसला
गांव के लोगों ने इसे ब्राह्मणों का अपमान बताकर पंचायत बुलाई। पंचायत में परसोत्तम को अन्नू के पैर धोने और पैर धोने से निकले गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर किया गया। इसके साथ ही उस पर 5100 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह सारी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हुई है। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को लगते ही उन्होंने ट्विटर पर इस पर कार्रवाई की बात कही है। कानून के डर से परसोत्तम ने एक दूसरा वीडियो जारी कर माफी मांगी है। पटोरा थाने में इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
(दमोह से महेंद्र सिंह परिहार की रिपोर्ट)
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