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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के सर्वाधिक 4,986 नए मामले, शिवराज ने कहा- एक लाख तक पहुंच सकते हैं ऐक्टिव केस

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Apr 10, 2021 10:56 pm IST, Updated : Apr 10, 2021 10:56 pm IST

मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 4,986 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 3,32,206 हो गई है।

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Image Source : PTI मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आशंका जताई है कि राज्य में इस महीने के अंत तक ऐक्टिव केस की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।

भोपाल: मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 4,986 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 3,32,206 हो गई है। मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटों में संक्रमण से 24 और व्यक्तियों की मौत हुई है, जिससे इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 4,160 हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में शनिवार को कोविड-19 के 912 नए मामले इंदौर में आए, जबकि भोपाल में 736 नए मामले आए। शनिवार को 2,741 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जिसे मिलाकर अब तक कुल 2,95,339 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।

‘महीने के अंत तक एक लाख हो सकते हैं ऐक्टिव केस’

सीएम शिवराज ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार को आशंका जतायी कि राज्य में इस महीने के अंत तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है। मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 32,707 हो गयी है। चौहान ने कहा, ‘जिस रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या इस महीने के अंत तक एक लाख तक पहुंच सकती है। हम संक्रमण के प्रसार को रोकने की कोशिश कर रहे हैं तथा लॉकडाउन सहित अन्य उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है।’

‘ऑक्सीजन का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से करें’
चौहान ने कहा कि संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में कोविड-19 देखभाल केंद्र खोलने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि इंदौर व भोपाल में अपर मुख्य सचिव (गृह विभाग) राजेश राजौरा के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल भवनों का पता लगा रहा है, जहां इस प्रकार की सुविधा बनायी जा सके। चौहान ने कहा, ‘3 दिन पहले तक प्रतिदिन 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी। शुक्रवार को प्रदेश में 180 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए।

‘केंद्र से हमें जल्द 350 वेंटिलेटर मिलेंगे’
हाल ही में प्रदेश के कुछ शहरों में कोविड-19 के मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी होने की खबरें आई थीं। इस पर चौहान ने कहा, ‘हमें गुरुवार को रेमडेसिविर के 2000 इंजेक्शन मिले हैं। प्रदेश सरकार ने एक लाख इंजेक्शन खरीदने का निर्णय लिया है और यह मिलना शुरू हो गया है।’ चौहान के अनुसार प्रदेश सरकार वेंटिलेटर की भी व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा, ‘केंद्र से हमें जल्द ही 350 वेंटिलेटर मिलेंगे।’ मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के फैलने से रोकने में मदद के लिए लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की है।

’18 प्रतिशत ऑक्सीजन, 8 प्रतिशत मरीज वेंटिलेटर पर’
चौहान ने संक्रमण को रोकने के वास्ते सुझाव प्राप्त करने के लिये अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ एक बैठक की। बैठक में बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में 60 प्रतिशत और निजी अस्पतालों में 47 प्रतिशत बिस्तर कोविड-19 के मरीजों के लिए वर्तमान में खाली हैं। प्रदेश में कुल मरीजों में 67 प्रतिशत मरीजों को घर में पृथक-वास में रखा गया है जबकि शेष मरीजों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में से 18 प्रतिशत आक्सीजन पर और आठ प्रतिशत वेंटिलेटर पर हैं। (भाषा)

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