Wednesday, February 04, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. अब MP में स्थानों के नाम बदलने की सियासत जोरों पर, इन जगहों का नाम बदलने की उठी मांग

अब MP में स्थानों के नाम बदलने की सियासत जोरों पर, इन जगहों का नाम बदलने की उठी मांग

मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले स्थानों का नाम बदलने की चर्चाओं ने सियासत को गर्मा दिया है। भाजपा के तमाम नेताओं ने उन स्थानों के नाम बदलने की पैरवी की है जिनसे दुखद यादें जुड़ी हुई हैं।

Reported by: IANS
Published : Jan 28, 2021 02:13 pm IST, Updated : Jan 28, 2021 02:13 pm IST
अब MP में स्थानों के नाम...- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE अब MP में स्थानों के नाम बदलने की सियासत जोरों पर, इन जगहों का नाम बदलने की उठी मांग

भोपाल: मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले स्थानों का नाम बदलने की चर्चाओं ने सियासत को गर्मा दिया है। भाजपा के तमाम नेताओं ने उन स्थानों के नाम बदलने की पैरवी की है जिनसे दुखद यादें जुड़ी हुई हैं। वहीं कांग्रेस इसे समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश का हिस्सा बता रही है। राज्य में बीते दो माह में भाजपा के कई नेताओं ने विभिन्न प्रमुख स्थलों के नाम बदलने की मांग की है। ताजा मामला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भोपाल के हलाली डैम का नाम बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि भोपाल शहर के बाहर प्रचलित हलाली नाम का स्थान एवं नदी विश्वासघात की उस कहानी की याद दिलाता है, जिसमें दोस्त मोहम्मद खां ने भोपाल के आसपास के अपने मित्र राजाओं को बुलाकर उन्हें धोखा देकर उनका सामूहिक कत्ल किया। उनके कत्ल से नदी लाल हो गई थी।

हलाली डेम बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में आता है, यहां के विधायक विष्णु खत्री से उमा भारती ने राज्य की पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर से संवाद करने को कहा है। खत्री को पत्र लिखकर उमा भारती ने कहा है कि हलाली शब्द, हलाली स्थान उसी प्रसंग का स्मरण कराता है -- विश्वासघात, धोखाधड़ी, अमानवीयता यह सब एक साथ हलाली शब्द के साथ आते हैं, तो हलाली का इतिहास जानने वालों के अंदर घृणा का संचार होता है। इसलिए हलाली शब्द का उपयोग इस स्थान के लिए बंद होना चाहिए।

भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने स्थानीय राम-रहीम मार्केट का नाम बदलने की पैरवी करते हुए व्यापारियों के बीच कहा कि यह बाजार में जो व्यापारी हैं, निवासी हैं, लोग हैं सभी हमारे हैं। हम कोई भेद नहीं करते, इमानदारी से देशभक्ति करने वालों को हम अपने साथ लेकर चलते हैं। इसलिए यहां का हर व्यापारी हमारा है। यहां के दुख-सुख हमारे हैं, आपके हर दुख में हम साथ हैं। जो भी समस्याएं हों, उन्हें निर्विवाद और निर्भय होकर बताइए। जो भी हो सकेगा उसका हम समाधान करेंगे। कोई भी दूषित मानसिकता लेकर मेरे पास न आए। यहा जो बाजार है वह भोपाल का है, राजा भोज की नगरी का मार्केट है, इसका नाम बदलिए और अच्छा सा नाम रखिए।

इसी तरह शिवराज सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने राजधानी की लालघाटी का नाम बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वे उमा भारती की मांग का समर्थन करते हैं। जो भी नाम गुलामी की याद दिलाते हैं उन स्थानों के नाम बदले जाने चाहिए। लाल घाटी का नाम बदलने का वे प्रस्ताव लाएंगे।

ज्ञात हो कि इससे पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा राजधानी के ईदगाह हिल्स क्षेत्र का नाम बदलकर गुरुनानक के नाम पर करने की मांग की थी। इसके अलावा इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर के खजराना क्षेत्र का नाम गणेष नगर या गणेष कॉलोनी करने की मांग उठाई थी।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने भाजपा नेताओं की स्थानों की नाम बदलने की मांग पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा के तमाम नेता मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इधर-उधर के नाम बदलने की राजनीति कर रहे हैं, जहां पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है आम आदमी की कमर महंगाई से टूटी जा रही है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में छोटी बच्चियों के साथ अपराध हो रहे हैं, बालिका सुधार गृह तक में बच्चियां सुरक्षित नहीं है, शराब माफिया का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । हर तरह के माफिया और कुशासन मध्यप्रदेश में हावी है ऐसे समय में भाजपा के नेता केवल और केवल मुद्दे भटकाने की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें इस तरह की राजनीति छोड़ कर जनहित के कार्य करना चाहिए जिससे जनता को लाभ हो। यह नाम बदलने की राजनीति किसी भी प्रकार से जनता के लिए हितकारी नहीं है।

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement