भोपाल: मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने एक और जगह का नाम बदल दिया है। सरकार ने सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरूंदा कर दिया है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पहले होशंगाबाद का नाम नर्मदा पुरम, इस्लामपुरा का नाम जगदीश पुरा, हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया जा चुका है।
मध्यप्रदेश में जिलों, शहरों और जगहों का नाम बदलने का सिलसिला जारी है। अब शिवराज सरकार ने सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरूंदा कर दिया है। इसके लिए बाकायदा राज्य सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इससे पहले एमपी की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने केंद्र सरकार को नसरूल्लागंज का नाम बदलकर भेरूंदा करने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद राज्य शासन द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया।
दरअसल लंबे समय से नसरुल्लागंज की जनता जगह का नाम बदलने की मांग शिवराज सिंह चौहान सरकार से कर रही थी। नसरुल्लागंज का इतिहास भोपाल के नवाब खानदान से जुड़ा हुआ है। भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम ने अपने तीनों पुत्रों को भोपाल के आसपास जागीर दी थी।
नसरुल्लाह खां, जो बेगम के सबसे बड़े बेटे थे उनके नाम पर मिली जागीर का नाम नसरुल्लागंज पड़ा। दूसरे पुत्र ओबैदुल्लाह खां के नाम पर ओबैदुल्लाह गंज और तीसरे पुत्र हमीदुल्लाह का जो बाद में भोपाल की रियासत के नवाब बने उनके नाम पर चिकलोद की जागीर बनी। सूत्रों के मुताबिक, भोपाल रियासत का 1908 के राजपत्र नोटिफिकेशन में नसरुल्लागंज का नाम भेरूंदा ही लिखा गया था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत ही नसरुल्लागंज आता है। कुछ समय पहले ही शिवराज सिंह चौहान ने नसरुल्लागंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नसरुल्लागंज का नाम बदलने की घोषणा की थी।
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