1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. MP News: अगले साल मध्य प्रदेश में होंगे विधानसभा चुनाव, आदिवासी संगठन ने की अकेले लड़ने की घोषणा

MP News: अगले साल मध्य प्रदेश में होंगे विधानसभा चुनाव, आदिवासी संगठन ने की अकेले लड़ने की घोषणा

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Oct 23, 2022 12:50 pm IST,  Updated : Oct 23, 2022 12:51 pm IST

MP News: मध्यप्रदेश की राजनीति में शुरू से ही कांग्रेस और भाजपा का वर्चस्व रहा है और जयस अभी तक मध्यप्रदेश में एक बड़ी राजनीतिक-सामाजिक ताकत नहीं रही है।

Representative image- India TV Hindi
Representative image Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • मध्यप्रदेश में लगभग 17 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है
  • अनुसूचित जाति की आबादी 21 प्रतिशत है

MP News: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में महज एक साल रह जाने के बावजूद एक आदिवासी संगठन ने अपने बैनर तले यह चुनाव लड़ने की योजना की घोषणा की है और अगली सरकार के गठन में अपनी भूमिका निभाने के लिए कुल 230 में से 80 सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित मध्यप्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में भी अपने उम्मीदवार उतारने की योजना बनाई है। मध्यप्रदेश की राजनीति में शुरू से ही कांग्रेस और भाजपा का वर्चस्व रहा है और जयस अभी तक मध्यप्रदेश में एक बड़ी राजनीतिक-सामाजिक ताकत नहीं रही है। फिर भी जयस को अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों के साथ-साथ उन सीटों पर भी अपने पक्ष में वोटों को लामबंद कर लेने का भरोसा है जहां आदिवासियों की अच्छी खासी तादाद है।

अधिक युवा नेताओं को विधानसभा भेजना चाहता है 'जयस'

जयस के राष्ट्रीय संरक्षक और धार जिले के मनावर (एसटी) से कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उनका संगठन जयस युवाओं को मध्यप्रदेश विधानसभा और लोकसभा में सदस्य (विधायक/सांसद) के रूप में भेजना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटों में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एससी) वर्ग के लिए और 35 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित हैं।’’ अलावा ने कहा, ‘‘इन निर्वाचन क्षेत्रों से अधिक से अधिक युवा नेताओं को विधानसभा में भेजने के लिए जयस ने मध्यप्रदेश में नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों में अपने बैनर तले उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।’’ 

80 सीटें जीतने का लक्ष्य 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सामान्य वर्ग की 35 सीटों पर आदिवासी मतदाताओं की संख्या 50,000 से एक लाख के बीच है और वे इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव परिणाम में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अलावा ने कहा कि जयस मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 80 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहा है ताकि वह 'किंगमेकर' की भूमिका निभा पाए और यह तय कर पाए कि अगली सरकार किसकी बनेगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनका संगठन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त आदिवासी नेता ने कहा कि जयस उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे, लेकिन संगठन के बैनर तले। 

2024 के चुनाव में भी 'जयस' अपना उम्मीदवार उतारेगी 

अलावा ने कहा, ‘‘2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी जयस अपना उम्मीदवार उतारेगी क्योंकि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजातियों के लिए छह और अनुसूचित जाति के लिए चार सीटें आरक्षित हैं।’’ राज्य की कुल 29 लोकसभा सीटों में से छह (शहडोल, मंडला, रतलाम, खरगोन, बैतूल और धार) अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि चार (भिंड, टीकमगढ़, देवास और उज्जैन) अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।

जब अलावा से पूछा गया कि वह 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार या जयस प्रत्याशी के तौर पर लड़ेंगे तो उन्होंने कहा , ‘‘ जयस फैसला करेगा और जो भी निर्णय लिया जाएगा, मैं उसका पालन करूंगा।’’ अलावा ने कहा कि अगर अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के विधायक एक साथ आते हैं, तो वे राज्य में किसी भी सरकार के गठन में एक बड़ी ताकत बन जाएंगे। मध्यप्रदेश में लगभग 17 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी 21 प्रतिशत है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।