भोपाल: मध्य प्रदेश के AIMIM नेता तौकीर निजामी ने विवादास्पद बयान देकर मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम समुदाय को लेकर अत्यंत विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने बताया कि मुसलमान तीन तरह के होते हैं। एक जूते चाटने वाला मुस्लिम होता है, वहीं दूसरा जूते खाने वाला मुस्लिम, और तीसरा जूते मारने वाला मुस्लिम।
तीन तरह के मुसलमान
निजामी ने मंच से कहा कि कहा कि जूते चाटने वाला मुसलमान कांग्रेस में मिलता है, जूते खाने वाला बीजेपी में और जो 'जूता मारना' जानता है, वह सिर्फ मजलिस (AIMIM) में मिलता है।" तौकीर ने कहा कि ओवैसी बंधुओं ने ही 15 मिनट पुलिस हटाने का बयान दिया था।
कांग्रेस पर बोला हमला
उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने आजादी से देखा अब तक मुसलमान के साथ गुलामी करवाई है। झंडे लगवाते हैं और दरी बिछवाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए निजामी ने कहा कि कमलनाथ 100% वोट तो मांगते हैं लेकिन प्रतिनिधित्व के नाम पर सिर्फ दो सीटें देते हैं।
गुलामी से बाहर निकालने का एकमात्र जरिया मजलिस
उन्होंने कहा कि मजलिस का रास्ता ही मुसलमानों को गुलामी से बाहर निकालने का एकमात्र जरिया है। नफरत की दुकान ओर मोहब्बत की दुकाम दो दुकान है,लेकिन मुसलमानों को हक़ सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी में मिलेगा।
'मुसलमानों अब जाग जाओ'
निजामी ने सफाई देते हुए कहा कि मेरा बयान हिंसा को बढ़ावा देने के लिए नहीं बल्कि मुसलमान को गुलामी से बाहर निकालने की कोशिश है। मुसलमानों अब जाग जाओ। आप जूते चाटने वाले और जूते खाने वाले मत बनिए। मुसलमान भाइयों आप सड़क पर आइए। निजामी ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पांच विधायक एआईएमआईएम के टिकट पर चुनकर विधायक बने। वहीं महाराष्ट्र में AIMIM के 125 पार्षद चुनकरआए हैं।
मंत्री विश्वास सारंग ने क्या कहा?
वहीं तौकीर निजामी के बयान पर सियासी बवाल मच गया है। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा-कौन जूते मारेगा मार के बताएं मध्य प्रदेश शांति का टापू है इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे ओवैसी हों, ओवैसी के भाई हों या फिर उनकी पार्टी के नेता, वे हिंसा भड़काने की बात करते हैं। वह लोगों को भड़का कर उनके सर पर चढ़कर राजनीति करते हैं। इस तरह का बयान आपत्तिजनक है। इस तरह की बातों का राजनिति में कोई स्थान नहीं है।