एयर इंडिया के बेड़े में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित साबित हुआ है। बोइंग 777- 300 ईआर ने अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली। यह विमान पिछले 6 सालों से तकनीकी कारणों से नागपुर की जमीन पर खड़ा था।
लगभग 18 साल पुराना यह विमान फरवरी 2020 में नागपुर एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (AIESL), एमआरओ सुविधा में केवल 30 दिनों के नियमित जांच के लिए लाया गया था। अन्य परिचालन बोइंग 777 विमान को चालू रखने के लिए इस विमान के पुर्जे का उपयोग किया गया।
बीते 6 साल में दूसरों विमान के लिए अपने 2000 से ज्यादा कलपुर्जे देने वाला एयर इंडिया के ग्राउंडेड विमान बोइंग 777 शुक्रवार को करीब 2:00 बजे उड़ान भरी और करीब 3 घंटे की सफल उड़ान करते हुए वह लैंड किया। मरम्मत कार्यक्रम होने के बाद यह टेस्ट फ्लाइट थी।
एविएशन इंडस्ट्री में यह एक ऐतिहासिक काम हुआ है। 6 साल से ग्राउंडेड विमान को उड़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लंबे समय तक सेवा से ये विमान बाहर था। 6 साल की मेहनत के बाद एयर इंडिया और AIESL की टीम ने इसके ईंधन टैंक की मरम्मत और संरचनात्मक सुधारों सहित व्यापक काम किया है।
टेस्ट फ्लाइट से पहले 9 फरवरी को इस विमान का ग्राउंड रन सफलता पूर्वक पूरा किया गया था। नागपुर से उड़ान भरने के बाद अब यह विमान जल्दी एयर इंडिया के कमर्शियल उड़ानों में फिर से शामिल होने के लिए तैयार है।
फ्लाइट का सफर नागपुर से अहमदाबाद तक था। अहमदाबाद के आकाश में भी इस फ्लाइट के दो-तीन चक्कर लगे हैं। यह विमान ऊंचाई 29000 फीट पर उड़ाया गया। विमान में ऑक्सीजन रिलीज करने से लेकर सारी जांच हुई। जीरो फाल्ट के साथ वह दोपहर को नागपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ।
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