नागपुर के महाल इलाके में सोमवार को दो गुटों के बीच झड़प हो गई। कई जगहों पर आगजनी भी हुई है। नागपुर हिंसा मामले में 40 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। नागपुर की साइबर पुलिस अफवाह रोकने की कोशिश कर रही है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा ना करें।
मंत्री बावनकुले ने कहा, 'पुलिस के लोग भी घायल हुए हैं। किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। नागपुर में सभी मिल जुलकर रहते हैं। पुलिस ने स्थित को नियंत्रित कर लिया है। सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी को निर्देश दिए हैं कि कोई किसी भी धर्म का हो, जिसने भी उपद्रव किया है और हिंसा फैलाई है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
इसके साथ ही मंत्री बावनकुले ने कहा, 'हम महाराष्ट्र के सभी पार्टियों और नेताओं से यह विनती करते हैं, कि इस घटना का राजनीतिकरण ना करें और सभी से शांति बनाए रखने की अपील करें।'
औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाए जाने की अफवाह के बाद नागपुर में सोमवार को तनाव बढ़ गया। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव भी किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने चिटनिस पार्क और महल इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा दोपहर बाद कथित तौर पर कोतवाली और गणेशपेठ तक फैल गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाओ रोड क्षेत्र हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों में आग लगा दी।
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